बुलंद सोच, डिंडौरी।

आदिवासी बहुल जिले डिंडौरी के मेहंदवानी जनपद क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत निर्मित एक पक्की सड़क की पुलिया बारिश के तेज बहाव में बह गई। इस सड़क के निर्माण पर सात करोड़ दस लाख रुपये की लागत आई थी। पुलिया के साथ सड़क का एक बड़ा हिस्सा बह जाने से इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया।
इस मामले में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। विभागीय अधिकारी इसे अतिवृष्टि के कारण हुआ नुकसान बता रहे हैं, जबकि ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण के दौरान बरती गई मनमानी के चलते यह समस्या उत्पन्न हुई है।
चाबी–मेंहदवानी मार्ग से कुसेरा तक जाने वाली सड़क के बीच बनाए गए दो पुलों में से एक पुल रविवार रात हुई तेज बारिश के बाद धराशाई हो गया। वहीं, भुरका में स्थित दूसरा पुल भी क्षतिग्रस्त हालत में है। पुल बहने से खेतों में बाढ़ का पानी घुस गया, जिससे किसानों की फसलें चौपट हो गईं। पानी और मलबा पहुंचने से आसपास के किसानों के खेतों को भी भारी नुकसान हुआ है।
प्रभावित किसानों ने अपने खेतों का सर्वे कराकर मुआवजे की मांग की है। पूरे मामले ने ठेकेदार और संबंधित विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह सवाल भी उठ रहे हैं कि निर्माण के दौरान पुलों की नींव, निर्माण सामग्री, संरचना और जल निकासी व्यवस्था की गुणवत्ता की जांच सही तरीके से क्यों नहीं की गई।
मौके पर लगे पीएमजीएसवाई के सूचना बोर्ड के अनुसार, चाबी–मेंहदवानी मार्ग से कुसेरा तक सड़क की लंबाई 12.10 किलोमीटर है और परियोजना की लागत 710.38 लाख रुपये (सात करोड़ दस लाख अड़तीस हजार रुपये) है। बोर्ड पर कार्य प्रारंभ की तारीख 29 अप्रैल 2023 और निर्धारित पूर्णता तिथि 28 अप्रैल 2028 अंकित है, हालांकि काम पहले ही पूरा होना बताया जा रहा है। सड़क के रखरखाव के लिए भी 41.72 लाख रुपये की लागत और ठेकेदार मेसर्स शिवशक्ति कंस्ट्रक्शन कंपनी कोठी सतना के लिए पांच वर्ष की गारंटी अवधि का उल्लेख है। यह भी बताया गया है कि गारंटी के खेल में जानबूझकर निर्माण की समय सीमा अधिक दिनों तक बढ़ाई जाती है।
मामला सामने आने पर आनन-फानन में आवागमन के लिए मरम्मत कार्य कराया गया। ग्रामीणों और प्रभावित किसानों की मांग है कि दोनों पुलों का तत्काल तकनीकी निरीक्षण कराया जाए, क्षतिग्रस्त पुल को लेकर सुरक्षा के इंतजाम किए जाएं और पूरे निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच हो। ग्रामीणों का कहना है कि यदि तकनीकी जांच में निर्माण में लापरवाही या निर्धारित मापदंडों की अनदेखी सामने आती है, तो जिम्मेदार ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जानी चाहिए।
इस संबंध में पीएमजीएसवाई डिंडौरी के महाप्रबंधक जय प्रकाश हिराव ने बताया कि संबंधित सड़क अतिवृष्टि के कारण क्षतिग्रस्त हुई है। अचानक अधिक पानी गिरने से पुल का एप्रोच कट गया। उन्होंने जानकारी दी कि प्रारंभिक तौर पर मरम्मत करा दी गई है और पानी कम होते ही उसका पूरा कार्य कराया जाएगा। महाप्रबंधक ने यह भी कहा कि वह इस मामले को दिखवा रहे हैं।

