बुलंद सोच, बालाघाट।
मध्य प्रदेश में एथनाल उत्पादन के नाम पर हुए करोड़ों के फोर्टिफाइड चावल घोटाले की जांच अब भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) तक पहुंच गई है। एसआईटी ने एफसीआई बालाघाट में पदस्थ सहायक ग्रेड-एक सुरेंद्र सूर्यवंशी को गिरफ्तार किया है। सूत्रों के अनुसार, एसआईटी ने संचेती राइस मिल के मैनेजर को भी गिरफ्तार किया है। दोनों को सोमवार को वारासिवनी न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें पांच अगस्त तक की पुलिस रिमांड मिली है। सूत्रों के अनुसार, सुरेंद्र सूर्यवंशी राइस मिल संचालकों और छिंदवाड़ा के एवीजे एग्रिको ग्रुप के एथनाल प्लांट के बीच चावल की हेराफेरी में मध्यस्थता कर रहा था। मिल संचालकों और प्लांट के बीच पैसों के लेनदेन का जिम्मा भी सुरेंद्र संभाल रहा था। सुरेंद्र एफसीआई गोदाम से जारी होने वाले चावल की जानकारी राइस मिल संचालकों को देता था। जांच में सुरेंद्र और गर्रा (वारासिवनी) स्थित विराज राइस मिल के बीच साठगांठ के पक्के सबूत एसआईटी के हाथ लगे हैं। एसआईटी अब एफसीआई कर्मचारी सुरेंद्र सूर्यवंशी की अन्य राइस मिल संचालकों से मिलीभगत की सूक्ष्मता से जांच कर रही है।
मामले में अन्य गिरफ्तारियां
बता दें कि विराज राइस मिल का संचालक सुरेंद्र राणा है, जिसे एसआईटी ने 18 जुलाई को गिरफ्तार किया था। चावल घोटाले में गिरफ्तार विनोद शर्मा, अविनाश कावरे, गोपाल ठाकुर, राजेश संचेती और कुंजबिहारी पटले को सोमवार को पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद वारासिवनी न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय ने सभी आरोपितों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। इस मामले में अब आरोपितों की कुल संख्या 17 हो गई है, जबकि चार आरोपित फरार हैं।

