बुलंद सोच, ग्वालियर।

ग्वालियर के विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र में पांच दिन पहले रेलवे ट्रैक पर अपनी जान देकर खुदकुशी करने वाले जसपाल सिंह यादव आत्महत्या मामले में पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। जांच के बाद पुलिस ने जसपाल को आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाले 5 आरोपियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है।
आरोपियों ने जसपाल को 3.45 करोड़ रुपए का लोन दिलाने का झांसा देकर 23 लाख रुपए ठग लिए थे। ठगी का अहसास होने के बाद जब जसपाल ने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपियों ने मना कर दिया। इसी मानसिक तनाव से परेशान होकर जसपाल ने यह आत्मघाती कदम उठाया था।

मृतक की डायरी से केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के नाम पर एक सुसाइड नोट मिला था। इस नोट में आरोपियों को आजीवन कारावास कराने की मांग की गई थी।
केंद्रीय मंत्री सिंधिया से गुहार
घटनास्थल से मिले सुसाइड नोट में जसपाल का दर्द साफ छलक रहा है। उसने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को संबोधित करते हुए भावुक अपील की है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए और उसके पीछे छूटे परिवार को न्याय दिलाया जाए।

सुसाइड नोट में आरोप लगाया गया है कि रवि कुमार, आशीष गुप्ता और रवि जाटव ने पिरामल बैंक से 3.45 करोड़ रुपए का लोन स्वीकृत कराने का लालच दिया था। इसके एवज में उन्होंने प्रक्रिया शुल्क और कमीशन के नाम पर उससे कुल 23 लाख रुपए ऐंठ लिए थे। रुपए लेने से पहले उसे बैंक द्वारा लोन स्वीकृत हो जाने के फर्जी दस्तावेज भी दिखाए गए थे।
जब 23 लाख रुपए के बाद भी लोन नहीं मिला तो वह परेशान हो गया। जब रुपए वापस मांगे तो आरोपी पहले टहलाते रहे फिर धमकाने लगे।

हाईप्रोफाइल जिम की चेन का व्यवसाय करना चाहता था मृतक
मृतक ने अपने परिवार वालों को बताया था कि वह प्रदेश के कई शहरों में हाई प्रोफाइल जिम खोलना चाहता है, जिसमें नेता, सेलिब्रिटी व अधिकारी आकर जिम कर सकें। इसके लिए परिवार की सहमति से ही उसने अपनी डेढ़ करोड़ रुपए की जमीन पर लोन की बात की थी।
इस दौरान उसे आरोपी रवि जाटव मिला, जिसने इसे अपने जाल में फंसाकर डेढ़ करोड़ की जमीन पर लगभग 3.45 करोड़ का लोन दिलाने का झांसा देकर अपने जाल में फंसा लिया था।
इन 5 आरोपियों पर दर्ज हुआ मामला
झांसी रोड थाना पुलिस ने मामले की शुरुआती जांच और साक्ष्यों के आधार पर 5 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है। इन आरोपियों के नाम आशीष गुप्ता (निवासी: झांसी रोड), रवि जाटव (निवासी: डबरा), रवि वाल्मीकि (निवासी: टेकनपुर), छोटू सरपंच उर्फ धर्मवीर वाल्मीकि (निवासी: गोहद) और वीरन वाल्मीकि (निवासी: दतिया) हैं।
विश्वविद्यालय थाना प्रभारी रवीन्द्र कुमार ने बताया कि सुसाइड नोट और परिजनों के बयानों के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की धरपकड़ के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है, जल्द ही सभी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

