बुलंद सोच, इंदौर।
आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने एसएम इन्फ्रा स्टेट प्रा. लि. के डायरेक्टर सुरेश ठाकुर, दिनेश जाट तथा अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। यह मामला देपालपुर तहसील के ग्राम ताजखेड़ी स्थित गीता विहार कॉलोनी में बंधक रखे प्लॉट बेचने से संबंधित है।
एसपी (ईओडब्ल्यू) रामेश्वर यादव के अनुसार, ईओडब्ल्यू की जांच में सामने आया कि कॉलोनी के विकास कार्यों के लिए संबंधित भूखंड कलेक्टोरेट की कॉलोनी सेल में बंधक रखे गए थे।
इसके बावजूद, वर्ष 2018 में भूखंड क्रमांक 88, 89, 90 और 124 का विक्रय कर दिया गया।
जांच में पाया गया कि आरोपितों ने शासन को बंधक स्थिति छिपाकर खरीदारों को प्लॉट बेच दिए, जिससे उन्हें संपत्ति का वैध स्वामित्व नहीं मिल सका।
शिकायत के अनुसार, कॉलोनी का विकास कार्य पूर्ण होने का दावा कर इंजीनियरिंग प्रमाण-पत्र तैयार कराया गया था।
मौके पर सड़क, नाली, स्ट्रीट लाइट, पानी की टंकी, सेप्टिक टैंक, मुख्य द्वार और उद्यान सहित करीब 70 प्रतिशत विकास कार्य पाया गया, जबकि विद्युत संबंधी कार्य अधूरे थे।
इसके बावजूद, कॉलोनी के विकास कार्य पूर्ण होने की जानकारी देते हुए सक्षम प्राधिकारी से कॉलोनी की वैधता प्राप्त कर ली गई।
जांच में यह भी सामने आया कि डायरेक्टर सुरेश ठाकुर ने बैंक के पक्ष में बंधक रखी भूमि के संबंध में वर्ष 2017 में दिनेश जाट के पक्ष में आम मुख्त्यारनामा निष्पादित किया। इसके बाद वर्ष 2018 में चारों बंधक प्लॉट करीब 55.80 लाख रुपये में बेच दिए गए।
संबंधित खरीदारों को आज तक इन भूखंडों का स्वामित्व अधिकार प्राप्त नहीं हो सका।
प्रकोष्ठ ने कलेक्टर कार्यालय, कॉलोनी सेल से जानकारी मांगी और आरोपित सुरेश ठाकुर व दिनेश जाट से भी पूछताछ की। आरोप की पुष्टि होने पर बुधवार को एफआईआर दर्ज कर ली गई।

