बुलंद सोच, इंदौर।
प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एमवाय (MY) में ऑपरेशन थियेटर, आईसीयू, ब्लड बैंक और डायलिसिस सहित सभी ‘जीवनरक्षक सेवाओं’ की बैकअप व्यवस्था 20 साल पुराने जनरेटर (250-250 केवीए डीजी सेट) के भरोसे चल रही है। ये दोनों डीजी सेट वर्ष 2004 से उपयोग में हैं।
नए जनरेटर का प्रस्ताव लंबित
अस्पताल प्रबंधन ने बढ़ते लोड को देखते हुए दो साल पहले दो नए 500-500 केवीए डीजी सेट की खरीदी का प्रस्ताव भोपाल भेजा था। पिछले एक साल में इस संबंध में छह रिमाइंडर भेजे जा चुके हैं, लेकिन अब तक इसे मंजूरी नहीं मिल पाई है।
हालिया खराबी और वैकल्पिक व्यवस्था
इसी बीच, 12 जुलाई को एक डीजी सेट का फैन ब्लेड टूट गया था। कंपनी के इंजीनियर ने जांच के बाद बताया कि आवश्यक पार्ट उपलब्ध नहीं था, जिसके आने में दो दिन का समय लगा। इस दौरान प्रतिदिन 15 से 20 हजार रुपए खर्च कर किराए का डीजी सेट लगाया गया, ताकि अस्पताल की जरूरी सेवाओं की बिजली आपूर्ति बाधित न हो।
वेंटिलेटर पर 25 से अधिक मरीज
अस्पताल में वर्तमान में हर समय 25 से अधिक मरीज वेंटिलेटर पर रहते हैं। बिजली आपूर्ति बाधित होने पर ये डीजी सेट 15 से 20 सेकंड में बैकअप सप्लाई शुरू करते हैं। मॉड्यूलर ओटी शुरू होने के बाद बिजली का लोड और बढ़ेगा, जिससे नए डीजी सेट की आवश्यकता और भी महत्वपूर्ण हो गई है।
4 अगस्त को निर्णय की उम्मीद
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, दो नए 500-500 केवीए डीजी सेट की जरूरत का प्रस्ताव दो साल पहले भेजा गया था। अब 4 अगस्त को होने वाली कार्यकारिणी (ईसी) की बैठक में इस प्रस्ताव पर निर्णय की उम्मीद है, जहां यह तय होगा कि खरीदी सरकारी मद से होगी या स्वायत्त निधि से।
बिजली मेंटेनेंस का भुगतान लंबित
पड़ताल में यह भी सामने आया है कि एमजीएम मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पतालों में बिजली मेंटेनेंस कार्यों के करीब 3.80 करोड़ रुपए का भुगतान पिछले एक साल से लंबित है। इसके कारण ट्रांसफॉर्मर, ब्रेकर, एसटी-एलटी पैनल और लिफ्ट के नियमित मेंटेनेंस पर असर पड़ा है।
लिफ्ट खराब होने की घटना
गुरुवार को एमवायएच की चार लिफ्ट बंद हो गई थीं, जिन्हें शुक्रवार शाम तक चालू कराया गया।
अधीक्षक का बयान
एमवाय अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अशोक यादव ने बताया कि नए डीजी सेट से संबंधित निर्णय डीन स्तर पर होगा। उन्होंने कहा कि 12 जुलाई को खराबी आने पर तत्काल किराए का जनरेटर लगाकर सभी आवश्यक सेवाएं सुचारू रखी गई थीं। वहीं, एमजीएम मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने बताया कि डीजी सेट की स्थिति, लंबित भुगतान और नए जनरेटर की आवश्यकता से भोपाल स्थित उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है।

