बुलंद सोच, इंदौर।
इंदौर में एक नवविवाहित जोड़े की शादी मात्र सात दिन ही चल सकी। पत्नी ने विवाह को अपनी मर्जी के खिलाफ बताते हुए पति के साथ रहने से इनकार कर दिया, जिसके बाद दोनों ने आपसी सहमति से परिवार न्यायालय का रुख किया।
इंदौर जिला न्यायालय में यह सवाल उठा कि हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 13-बी के तहत एक वर्ष तक अलग-अलग रहने की शर्त पूरी नहीं होने के कारण तलाक की याचिका सुनवाई योग्य है या नहीं।
पत्नी की बातें सुनने के बाद पति ने तलाक लेने का फैसला किया और पत्नी भी इसके लिए तैयार थी। दोनों ने परिवार न्यायालय में आपसी सहमति से तलाक के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। न्यायालय ने हालातों को देखते हुए तलाक को मंजूरी दे दी और सात दिनों के भीतर ही उनका तलाक हो गया।

