बुलंद सोच, इंदौर।

नीट यूजी पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में युवाओं का आक्रोश बढ़ रहा है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोमवार को हुए लाठीचार्ज का वीडियो प्रसारित होने के बाद इंदौर में भी बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं सड़कों पर उतर आए। सोमवार शाम तक इंदौर के भंवरकुआं चौराहे पर एक से डेढ़ हजार विद्यार्थी जमा हो गए। प्रदर्शनकारी सरकार के रवैए से नाराज दिखे और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी करते रहे।
सोनम वांगचुक का पोस्टर और छात्रों की मांगें
यह प्रदर्शन सुबह करीब 11 बजे टंट्या मामा भील की प्रतिमा के पास शुरू हुआ। छात्र-छात्राएं हाथों में तख्तियां, बैनर और पोस्टर लेकर पहुंचे थे, जिनमें से कई पर नीट परीक्षा में पारदर्शिता की मांग लिखी थी। प्रदर्शन स्थल पर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तस्वीरें भी दिखाई दीं। छात्रों का कहना था कि युवाओं के भविष्य के लिए वांगचुक ने 20 दिन तक अनशन किया था, जिसे सरकार ने गलत तरीके से तुड़वाया, जिससे युवा नाराज हैं। एमपीपीएससी परीक्षा और रिजल्ट में अनियमितता को लेकर आवाज उठाने वाले नेशनल एजुकेटेड यूथ यूनियन (नेयू) ने भी इस प्रदर्शन का समर्थन किया।
जांच में कथित लापरवाही के आरोप
विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि नीट परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं और पेपर लीक की निष्पक्ष जांच नहीं हो रही है। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से गहन जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। छात्रों ने कहा कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए जिम्मेदारी तय होना आवश्यक है। उन्होंने यह भी बताया कि नीट पेपर लीक के कारण कई विद्यार्थियों ने जान दी है, लेकिन जिम्मेदार अब भी मौन हैं और कुछ दिन चली जांच अब ठंडे बस्ते में चली गई है।
आंदोलन से जुड़े राहगीर और अन्य मांगें
दोपहर बाद इंद्रपुरी, विष्णुपुरी, भोलाराम उस्ताद मार्ग सहित अन्य हॉस्टलों से समूह बनाकर विद्यार्थी धरना स्थल पहुंचे। उनका कहना था कि वे दिल्ली नहीं जा सके, इसलिए यहां प्रदर्शन में शामिल हुए, क्योंकि आगे उन्हें भी इस सिस्टम से लड़ना पड़ सकता है। इस दौरान जमकर नारेबाजी हुई और मांगों को लेकर ज्ञापन भी तैयार किए गए। भंवरकुआं से गुजरने वाले राहगीर भी रुककर आंदोलन से जुड़े और युवाओं का हौसला बढ़ाया। कई छात्र नेताओं ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार पर जोर देते हुए सभा को संबोधित किया। कार्यक्रम के अंत में शांतिपूर्ण मार्च और सामूहिक विरोध भी किया गया। नेयू के कार्यकर्ताओं ने पिछले मंगलवार को भंवरकुआं से कलेक्टर तक रैली निकाली थी, जिसमें नीट मामले के अलावा अन्य मुद्दे भी उठाए गए थे। इनमें आदिवासी क्षेत्रों के लिए चल रही आकांक्षा योजना में गड़बड़ी, सभी रिक्त और बैकलाग पदों पर शीघ्र भर्ती, एडीपीओ पदों की संख्या बढ़ाने और पांच वर्षीय भर्ती व्यवस्था खत्म कर नियमित भर्ती शुरू करने की मांग शामिल थी।
