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2026-08-06

इंदौर के अवैध प्रेमाश्रय वृद्धाश्रम को खाली कराया गया, मां से बिछड़े बच्चे को एसएए को सौंपा

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, इंदौर।

शहर के प्रेमाश्रय वृद्धाश्रम में बुजुर्गों के साथ मारपीट का वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन ने इस वृद्धाश्रम को खाली करवा दिया। इस दौरान एक बच्चा और उसकी मां बिछड़ गए, क्योंकि मां को अन्य आश्रम और बच्चे को अलग स्थान पर भेजा गया। मंगलवार शाम बाल कल्याण समिति ने बच्चे को अपने संरक्षण में लेकर स्पेशल एडाप्शन एजेंसी (एसएए) को सौंप दिया। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तक उसकी देखभाल वहीं की जाएगी।

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बच्चे और मां का विवरण

जानकारी के अनुसार, 30 वर्षीय मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला को 21 जून 2025 को लावारिस हालत में रेस्क्यू किया गया था। उस समय वह गर्भवती थी। स्वजन का कोई पता नहीं चलने पर प्रशासन ने उसे प्रेमाश्रय वृद्धाश्रम में आश्रय दिया। महिला ने वहीं बेटे को जन्म दिया, जिसके बाद मां और बेटा दोनों वृद्धाश्रम में रह रहे थे।

हाईकोर्ट ने लिया स्वत: संज्ञान

शहर के महाराणा प्रताप नगर स्थित प्रेमाश्रय वृद्धाश्रम में बुजुर्गों की पिटाई के मामले में घटना का वीडियो वायरल होने के बाद हाई कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया। मामले को लेकर कोर्ट के आदेश पर शासन ने स्टेटस रिपोर्ट पेश की। कोर्ट को बताया गया कि प्रेमाश्रय वृद्धाश्रम सामाजिक न्याय विभाग की अनुमति के बगैर संचालित हो रहा था। यह अवैध आश्रम निगम के सामुदायिक भवन में चल रहा था।

आश्रम के संचालन में अनियमितताएं

भवन का आवंटन हुआ था या अवैध कब्जा था, इस बारे में निगमायुक्त से जानकारी मांगी गई है। हालांकि बताया जा रहा है कि कोई आवंटन नहीं हुआ था। एक पूर्व पार्षद के मौखिक निर्देश पर यह भवन आश्रम के लिए दे दिया गया था। आश्रम के पास केवल फर्म एंड सोसायटी का पंजीयन मिला जो 27 नवंबर 2024 को कराया गया था।

कोर्ट के निर्देश और अगली सुनवाई

कोर्ट ने स्टेटस रिपोर्ट को रिकार्ड पर लेते हुए निर्देश दिए कि अगली सुनवाई पर इंदौर और आसपास के जिलों में कितने वृद्धाश्रम हैं, उनकी क्षमता कितनी है और कितने बुजुर्ग वर्तमान में वहां रह रहे हैं, उनकी स्थिति क्या है, यह बताया जाए। अगली सुनवाई 18 अगस्त को होगी।

बुजुर्गों को अन्य आश्रमों में स्थानांतरित किया गया

कोर्ट में पेश स्टेटस रिपोर्ट में शासन ने कहा है कि मामला सामने आने के बाद प्रेमाश्रय वृद्धाश्रम में रहने वाले सभी बुजुर्गों को अन्य शासकीय वृद्धाश्रमों में शिफ्ट कर दिया गया है। इस पर कोर्ट ने कहा कि बुजुर्गों को जहां भेजा गया है उन वृद्धाश्रमों की क्षमता और वहां कितने वृद्ध अभी किस हालत में हैं, इसकी जानकारी मांगी। जब शासकीय वकील ने जानकारी देने के लिए समय मांगा तो कोर्ट ने उन्हें इंदौर और आसपास के जिलों के वृद्धाश्रमों की जानकारी देने के निर्देश दे दिए।

मामले का विवरण

महाराणा प्रताप नगर में संचालित प्रेमाश्रय वृद्धाश्रम में बुजुर्गों की डंडे से पिटाई का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर बहुप्रित हुआ था। मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने जांच शुरू की तो पता चला कि आश्रम का संचालन महाराणा प्रताप वेलफेयर सोसायटी द्वारा किया जा रहा था, लेकिन संस्था के पास पंजीयन और वृद्धाश्रम संचालन के लिए जरूरी अनुमति और दस्तावेज ही नहीं हैं। आश्रम में रह रहे 31 बुजुर्गों को अन्य आश्रमों में शिफ्ट किया गया था।