बुलंद सोच, इंदौर।
इंदौर में इस बार जुलाई माह में ठीक-ठाक बारिश होने के बावजूद शहर के तालाबों का जलस्तर ज्यादा नहीं बढ़ पाया है। तालाबों को पूरी तरह भरने में अगस्त माह का पूरा समय लग सकता है। वर्तमान में कुछ तालाब आधे भरे हैं, जबकि कुछ आधे से भी कम भरे हुए हैं।
यशवंत सागर की स्थिति
शहर की पेयजल आपूर्ति का प्रमुख स्रोत यशवंत सागर तालाब में अभी 12 फीट पानी दर्ज किया गया है। इस तालाब की कुल क्षमता 19 फीट है, जिसका अर्थ है कि यह अभी भी 7 फीट खाली है। पिछले साल जुलाई में यशवंत सागर तालाब लबालब होने की स्थिति में था और इसके गेट खोलकर पानी भी बहाया गया था। यदि यह तालाब बारिश के सीजन में पूरी तरह भर जाता है, तो सालभर पानी की चिंता कम रहती है, लेकिन इस बार यह तालाब भी धीरे-धीरे भर रहा है। यशवंत सागर तालाब से शहर के पश्चिमी क्षेत्र की छह टंकियों में प्रतिदिन 30 एमएलडी पानी की सप्लाई की जाती है।
अन्य तालाबों की स्थिति और चुनौतियां
यशवंत सागर के अतिरिक्त अन्य तालाबों का पानी पेयजल के लिए उपयोग नहीं किया जाता है। हालांकि, ये तालाब अपने आसपास के क्षेत्रों के भूजल स्तर को बढ़ाने में सहायक होते हैं। यशवंत सागर के बाद बिलावली दूसरा बड़ा तालाब है, लेकिन इसे भरने में अधिक समय लगता है। बायपास बनने के बाद बिलावली तालाब की चैनलें अवरुद्ध हो गई हैं, जिससे इसमें पानी काफी धीरे आता है। लिंबोदी तालाब भी इसी कारण से खाली रहता है। नगर निगम ने लिंबोदी तालाब की चैनलों की सफाई के लिए विशेष तौर पर अभियान चलाया था।

