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जबलपुर में 10 अगस्त को 35 किमी की ‘संस्कार कांवड़ यात्रा’ में प्रकृति संरक्षण का संदेश

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, जबलपुर।

जबलपुर में 10 अगस्त को श्रावण के दूसरे सोमवार को 35 किलोमीटर की ‘संस्कार कांवड़ यात्रा’ आयोजित की जाएगी। इस यात्रा का उद्देश्य भगवान शिव का जलाभिषेक करने के साथ ‘प्रेम, पेड़ और पानी-मानव जीवन की निशानी’ का संदेश जन-जन तक पहुंचाना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी इस यात्रा में शामिल होंगे।

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यह यात्रा सुबह सात बजे सिद्धघाट, ग्वारीघाट से प्रारंभ होगी। छह वर्षों से अखंड निराहार साधना कर रहे महायोगी दादागुरु के सानिध्य और आमंत्रित अतिथियों की उपस्थिति में मां नर्मदा एवं भगवान शिव का दुग्धाभिषेक किया जाएगा। इसके उपरांत कांवड़ और देववृक्षों का पूजन-अर्चन होगा, जिसके बाद समर्थ वाणी के साथ कांवड़ यात्रा अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान करेगी।

आयोजकों के अनुसार, लाखों श्रद्धालु इस यात्रा से जुड़ चुके हैं और लगभग 300 धार्मिक-सामाजिक संस्थाएं तथा संगठन इसके स्वागत में सहभागी हो रहे हैं।

नर्मदा जल लेकर 35 किलोमीटर का यह सफर ग्वारीघाट से रामपुर चौक, छोटी लाइन फाटक, शास्त्री ब्रिज, तीन पत्ती, मालवीय चौक, लार्डगंज, बड़ा फुहारा, सराफा, लकड़गंज, बेलबाग, घमापुर, कांचघर चौक, सतपुला, गोकुलपुर, रांझी और खमरिया स्टेट होते हुए मटामर स्थित कैलाश धाम पहुंचेगा।

कैलाश धाम में चमत्कारिक अखिलेश्वर महादेव का नर्मदा जल से अभिषेक किया जाएगा। साथ ही, शिव स्वरूप माने जाने वाले देववृक्षों की स्थापना कर प्रकृति संरक्षण का संकल्प दिलाया जाएगा।

संस्कार कांवड़ यात्रा के संयोजक शिव यादव और अध्यक्ष नीलेश रावल ने बताया कि कांवड़ यात्रा भगवान शिव के जलाभिषेक से जुड़ी प्राचीन सनातन परंपरा है। संस्कार कांवड़ यात्रा ने इस परंपरा को प्रकृति संरक्षण से जोड़ने का प्रयास किया है, जिसमें कांवड़ में नर्मदा जल के साथ देववृक्षों को शामिल कर यह संदेश दिया जा रहा है कि जल और वृक्ष दोनों जीवन के आधार हैं।

दादागुरु के मार्गदर्शन में कांवड़ को प्रकृति, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना से जोड़ने की पहल की गई है। आयोजकों का मत है कि शिव की सगुण उपासना केवल मंदिर तक सीमित न रहकर प्रकृति में शिव तत्व को पहचानना भी है। इसी विचार के साथ यात्रा में ‘पेड़ बचाओ, पानी बचाओ और स्वच्छ भारत-समर्थ भारत’ का संदेश दिया जाएगा।

आयोजकों ने बताया कि महायोगी दादागुरु पिछले छह वर्षों से अखंड निराहार महान्नत साधना कर रहे हैं। उनके सानिध्य में आयोजित यह यात्रा श्रद्धा के साथ सामाजिक और पर्यावरणीय चेतना का संदेश भी देगी।

संस्कार कांवड़ यात्रा समिति के संयोजक शिव यादव, अध्यक्ष नीलेश रावल, जगत बहादुर सिंह अन्नू, भारत सिंह यादव, राजेश यादव, राजेन्द्र मिश्रा, कमलेश सिंह, पवन यादव, गौरैया यादव, धर्मेंद्र नामदेव, प्रमोद पाठक, रामरतन यादव, महेश पसीने, संदीप वर्मा, प्रो. अजिंक्य फाटक, वेदांश तिवारी और सौरभ चौरसिया सहित विभिन्न संगठनों तथा संस्थाओं ने श्रद्धालुओं से यात्रा में सहभागी बनने का आह्वान किया है।

इस बीच, जबलपुर में रादुवि की परीक्षाएं यथावत रहेंगी। विद्यार्थियों को सलाह दी गई है कि वे समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचें।