बुलंद सोच, खाचरौद।
खाचरौद-रतलाम सड़क मार्ग की दूरी 28 किलोमीटर है। इस मार्ग की हालत अत्यंत दयनीय होती जा रही है। यह पूरा मार्ग सीमेंट कांक्रीट से बना होने के कारण बीच में बड़ी-बड़ी दरारें पूरे मार्ग में पड़ गई हैं।
इन दरारों के कारण इस मार्ग पर आए दिन दो पहिया वाहन चालक दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी इस मार्ग में रामा तलाई से कनवास के मध्य हो रही है। मार्ग में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ने के कारण दरारों में दो पहिया वाहनों के पहिए अंदर घुसने से वाहन चालक आए दिन चोटिल हो रहे हैं।
इस मार्ग पर प्रतिदिन आवाजाही करने वाले 35 वर्षीय भरत का कहना है कि मार्ग के मध्य में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ने के कारण आए दिन वाहन चालक दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों के आंखें मूंद लेने से कभी भी गंभीर हादसा हो सकता है।
खाचरौद नगर के लिए रतलाम मार्ग सबसे अधिक आवाजाही वाला मार्ग है। इस मार्ग पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहनों की आवाजाही लगी रहती है। सैकड़ों से अधिक नागरिक दोपहिया वाहनों से प्रतिदिन खाचरौद से रतलाम अप-डाउन करते हैं और सबसे ज्यादा परेशानी रात्रि के समय वाहन चालकों को आती है। इसके बावजूद जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों को इस मार्ग की बिगड़ी दुर्दशा दिखाई नहीं देती है। इस मार्ग से बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि सहित आला अधिकारियों का भी आना-जाना लगा रहता है, बावजूद इसके इस मार्ग की दुर्दशा अत्यंत दयनीय होती जा रही है।
इस संबंध में लोक निर्माण विभाग अधिकारी अजय बर्मन का कहना है कि खाचरौद-रतलाम का 28 किलोमीटर का यह मार्ग एमपीआरडीसी में आता है। उन्होंने बताया कि इस मार्ग के रखरखाव का जिम्मा उन्हीं (एमपीआरडीसी) के ऊपर है। विधायक डा. तेजबहादुर सिंह चौहान से इस मामले में मोबाइल पर संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।

