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2026-07-29

रील बनाने के दौरान खरगोन के सहस्त्रधारा में बहा इंदौर का युवक, तीन माह में चौथी घटना

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, खरगोन।

खरगोन जिले के महेश्वर से लगभग छह किलोमीटर दूर ग्राम जलकोटी स्थित प्रसिद्ध पर्यटन स्थल सहस्त्रधारा एक बार फिर हादसे का गवाह बना। रविवार शाम इंदौर का एक युवक नर्मदा नदी के तेज बहाव में बह गया। वह स्नान करने और रील बनाने के दौरान इस हादसे का शिकार हुआ।

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पुलिस के अनुसार, इंदौर के निपानिया निवासी अर्पित पिता अमर सिंह हाड़ा (30) अपने परिवार के साथ महेश्वर घूमने आए थे। उनके साथ उनकी पत्नी, तीन वर्षीय बेटा, छोटा भाई और भाई की पत्नी भी सहस्त्रधारा पहुंचे थे।

अर्पित नदी में स्नान करते हुए और रील बनाते समय तेज बहाव की चपेट में आ गए। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया और मदद के लिए आवाज लगाई, लेकिन तेज धारा के कारण वे देखते ही देखते बह गए। घटना का वीडियो भी सामने आया है।

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से तलाश शुरू की। देर शाम तक युवक का पता नहीं चलने पर गुमशुदगी दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी गई।

सोमवार सुबह फिर से सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया, लेकिन युवक का कोई सुराग नहीं मिल सका।

पिछले तीन माह में सहस्त्रधारा में डूबने की यह चौथी घटना है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था और पर्यटकों की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

प्रशासनिक कार्रवाई और चेतावनी

एसडीएम पूर्वा मंडलोई ने बताया कि सहस्त्रधारा क्षेत्र में पहले से चेतावनी बोर्ड और बैरिकेड्स लगाए गए हैं। हालांकि, पर्यटक इन्हें नजरअंदाज कर प्रतिबंधित हिस्सों में पहुंच जाते हैं।

लगातार हो रहे हादसों को देखते हुए बारिश के दौरान सहस्त्रधारा पर्यटन स्थल को आमजन के लिए प्रतिबंधित करने का निर्णय लिया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, यहां स्थायी रूप से गोताखोरों की तैनाती और अतिरिक्त पुलिस बल उपलब्ध कराने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को प्रस्ताव भेजा जाएगा।

हादसों का इतिहास और स्थानीय चिंताएं

सहस्त्रधारा में वर्षा के मौसम में नर्मदा का जलस्तर और बहाव अचानक बढ़ जाता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में पर्यटक चेतावनी की अनदेखी कर नदी के बीच चट्टानों तक पहुंच जाते हैं।

बार-बार हो रहे हादसों के बावजूद पर्यटकों का जोखिम उठाना प्रशासन के लिए एक चुनौती बना हुआ है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम में सहस्त्रधारा पर सख्ती, नियमित निगरानी और पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के बिना ऐसे हादसों पर रोक लगाना मुश्किल होगा।

महेश्वर के करीब स्थित सहस्त्रधारा में नर्मदा नदी का किनारा सुकून और आनंद देता है।