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2026-08-14

लोक शिक्षण आयुक्त ने शिक्षकों को नदी-नाले पार न करने तथा 10:30 बजे तक ई-अटेंडेंस लगाने के निर्देश दिए

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, भोपाल।

प्रदेश के शिक्षकों और छात्रों को उफनते नदी-नाले पार न करने की सलाह दी गई है। शिक्षकों से विशेष रूप से कहा गया है कि वे ई-अटेंडेंस के चक्कर में उफनते नदी-नाले पार करने के बजाय इसकी जानकारी विद्यालय के प्राचार्य और संकुल प्राचार्य को दें। लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह ने कहा है कि बारिश के दौरान न तो शिक्षकों को और न ही छात्रों को उफनते नदी-नाले पार करके स्कूल जाना है। शिक्षक ऐसी स्थिति आने पर अपने संकुल प्राचार्य और प्राचार्य को व्हाट्सएप ग्रुप के जरिये जानकारी देंगे, जिसे स्वीकार किया जाएगा।
सामान्य दिनों में ई-अटेंडेंस सुबह 10:30 बजे तक लगाना होगा। इसमें 15 मिनट का ग्रेस पीरियड मिलेगा, लेकिन इसे आदतन स्वीकार नहीं किया जाएगा। आयुक्त सिंह ने कहा कि टीचर्स को अपने निर्धारित समय सुबह 10:30 बजे से 4:30 बजे के बीच विद्यालय में रहना है और सुबह 10:30 बजे तक ई-अटेंडेंस लगा देनी चाहिए। 15 मिनट का ग्रेस पीरियड कभी-कभार ही स्वीकार किया जाएगा, आदत के रूप में नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि किसी का समय आगे-पीछे होता है तो उसे भी प्राचार्य के संज्ञान में लाकर शिक्षक हित का ध्यान रखा जाएगा। आयुक्त सिंह ने कहा कि उनका उद्देश्य शिक्षकों को परेशान करना नहीं बल्कि स्कूल टाइम में स्कूल में रहकर पढ़ाने को लेकर है।
लोक शिक्षण आयुक्त ने ये निर्देश सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को दिए हैं। वीडियो कांफ्रेंसिंग से ली गई बैठक में आयुक्त सिंह ने कहा है कि ई-अटेंडेंस को लेकर किसी तरह की लापरवाही से वेतन कट सकता है। इसलिए शिक्षकों और लोकसेवकों की जिम्मेदारी है कि वे समय पर विद्यालय में उपस्थित हों और पठन-पाठन के कार्य में शामिल हों। शिक्षा विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को लेकर दिए ताजा निर्देश में आयुक्त ने कहा है कि सभी अधिकारी एवं कर्मचारी को प्रतिदिन प्रातः 10:30 बजे से पूर्व संस्था में उपस्थित होना है। अभी भी कई शिक्षकों द्वारा सुबह 11:30 बजे के बाद ई-अटेंडेंस लगाई जा रही है। जिला शिक्षा अधिकारियों से कहा गया है कि वे समय का ध्यान रखें, लेकिन शिक्षकों को जबरन परेशानी की स्थिति भी नहीं बनने देना है। लोक शिक्षण आयुक्त सिंह ने कहा कि जो स्कूल दो पालियों में लगते हैं, उनका समय सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे और दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक है, उन्हें उस समय में विद्यालय में रहकर पढ़ाना है।

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ई-अटेंडेंस समय और संबंधित मुद्दे

लोक शिक्षण आयुक्त के निर्देश पर सोमवार को विभाग के कर्मचारियों और अफसरों को यह सूचना दी गई थी कि अब सुबह 10:30 बजे तक ई-अटेंडेंस लगाना होगी। हालांकि, सोमवार को सुबह 11 बजे तक शिक्षकों और कर्मचारियों की अटेंडेंस लगती रही थी। इससे सबसे अधिक दिक्कत शहरों में रहकर गांवों में ड्यूटी करने वाले शिक्षकों को हो रही है। आयुक्त अभिषेक सिंह ने वीडियो कांफ्रेंसिंग मीटिंग में शिक्षकों के स्कूल आने के समय की जानकारी ली है। उन्होंने बताया कि मंदसौर समेत कुछ जिलों में डीईओ के द्वारा गलत समय बताया जाने का मामला सामने आया है, उसे सुधारा जाएगा। इस संबंध में आज जिला शिक्षा अधिकारी सागर ने भी शिक्षकों को आदेश जारी कर निर्देशित किया था। इसके साथ ही मंदसौर में डीईओ ने आदेश जारी कर दिया। खास बात यह रही है कि दोनों ही जगह 15 मिनट समय का अंतर पाया गया। सागर डीईओ ने 10 बजे के बाद और मंदसौर डीईओ ने पौने दस बजे का समय लिखा है।

शिक्षक संगठनों की मांगें

ई-अटेंडेंस लगाने के लिए रोज बदले जा रहे टाइमिंग को लेकर शासकीय शिक्षक संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष उपेंद्र कौशल ने कहा है कि ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता से पहले सरकार ग्रामीण शिक्षकों को सुविधाएं दे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में पदस्थ शिक्षकों से ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता लागू करने से पहले सरकार को उनके आवास, सुरक्षित आवागमन तथा विशेष ग्रामीण भत्ता जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करानी चाहिए। जहां शिक्षक सीमित संसाधनों के बीच दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का कार्य कर रहे हैं, वहां उनकी वास्तविक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सुविधाएं और व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने जोर दिया कि शिक्षकों पर नियम नहीं, पहले सुविधाएं लागू हों।

तकनीकी और प्रशासनिक अपडेट

आयुक्त अभिषेक सिंह ने कहा कि आज मध्य प्रदेश शिक्षक संघ का प्रतिनिधिमंडल मिला था और हमारे ‘शिक्षक’ ऐप में अवकाश का विकल्प नहीं आने समेत अन्य दिक्कतों की जानकारी दी गई है। इसके लिए संघ के प्रतिनिधियों से कहा गया है कि वे चार सदस्यीय टीम बना दें ताकि लोक शिक्षण आयुक्त कार्यालय के तकनीकी टीम के साथ इसका समाधान किया जा सके।
प्रदेश के नेटवर्क विहीन विद्यालयों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों के लंबित मानदेय भुगतान और वर्तमान शैक्षणिक सत्र में री-ज्वाइनिंग को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग सक्रिय हो गया है। लोक शिक्षण संचालनालय ने सभी जिलों से ऐसे विद्यालयों और वहां कार्यरत अतिथि शिक्षकों की जानकारी मांगी है, जहां किसी भी टेलीकॉम कंपनी का मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध नहीं है। जिलों को यह जानकारी 11 अगस्त 2026 तक निर्धारित प्रारूप में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।