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2026-08-10

कम बारिश की आशंका के बीच 24 जिलों में जल स्रोतों का आकलन लंबित

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच।

इस वर्ष कम बारिश होने की आशंका के चलते मध्य प्रदेश सरकार ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। एक माह पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक बैठक आयोजित कर सभी जिलों को निर्देश दिए थे।

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इन निर्देशों में राज्य और जिला स्तर पर डैशबोर्ड तैयार करने के लिए ऑडिट करने तथा प्रत्येक जिले में उपलब्ध पानी की मात्रा का आकलन करने को कहा गया था।

लगभग एक माह बीत जाने के बाद भी, 55 में से केवल 31 जिले ही अपने यहाँ उपलब्ध पानी का आकलन कर पाए हैं, जबकि 24 जिलों में यह प्रक्रिया अभी जारी है।

हालांकि, डैशबोर्ड बनाने का काम अब तक किसी भी जिले में शुरू नहीं हुआ है। इस डैशबोर्ड से जिले में पानी की स्थिति स्पष्ट होनी थी।

जिन 24 जिलों में पानी का आकलन नहीं हो सका है, उनमें पन्ना, रतलाम, धार, अनूपपुर, रीवा, सतना, राजगढ़, पांढुर्ना, सिवनी, डिंडोरी, निवाड़ी, छतरपुर, नीमच, उमरिया, श्योपुर, मैहर, कटनी, सिंगरौली, छिंदवाड़ा, दमोह, बैतूल, खरगोन, बालाघाट और मंदसौर शामिल हैं।

बताया जा रहा है कि यह रिपोर्ट 15 अगस्त तक तैयार हो जाएगी, लेकिन किसी भी जिले ने अभी तक डैशबोर्ड बनाने का कार्य प्रारंभ नहीं किया है।

जिन जिलों में काम हुआ है, वहाँ किसानों के बीच लगातार अभियान चलाकर ‘पानी बचाओ’ मुहिम चलाई जा रही है।

कृषि विभाग के निदेशक उमाशंकर भार्गव के अनुसार, जल की उपलब्धता का आकलन जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन द्वारा किया जा रहा है।