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2026-08-14

मध्य प्रदेश में तीन दिनों से वर्षा जारी, पांच जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, भोपाल।

मध्य प्रदेश में लगातार हो रही बारिश से कई इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। पिछले तीन दिनों से जारी वर्षा के कारण नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। नर्मदा नदी का पानी सिर्फ 48 घंटे में लगभग 10 फीट बढ़ गया है। कई छोटे पुल पानी में डूब गए हैं और निचले इलाकों में घरों तक पानी पहुँच गया है। प्रदेश में अब तक 527 बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा चुका है।

स्कूल बंद और भोपाल के हालात

बारिश की गंभीर स्थिति को देखते हुए भोपाल और गुना में बुधवार को स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया गया है। भोपाल में लगातार दूसरे दिन भी कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी रही। यहाँ दो दिनों में लगभग 8 इंच बारिश दर्ज की गई है। राजधानी में लगातार बारिश से हालात बिगड़ गए हैं, करीब 200 मकानों में ढाई फीट तक पानी भर गया। कई सड़कें घंटों तक बंद रहीं। कुछ स्थानों पर बिजली के ट्रांसफार्मर और वितरण पेटियाँ पानी में घिर गईं, जिसके बाद सुरक्षा के लिए बिजली आपूर्ति बंद करनी पड़ी। मंगलवार रात राष्ट्रीय राजमार्ग-46 पर लगभग एक फीट पानी भरने से यातायात प्रभावित हुआ। न्यू पुलिस लाइन स्टेशन रोड पर पानी से भरे गड्ढे में बच्चों से भरी स्कूली वैन भी फँस गई।

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भारी वर्षा की चेतावनी

प्रदेश में सक्रिय मजबूत मौसम प्रणाली का असर बुधवार को भी इंदौर संभाग पर सबसे अधिक रहेगा। इंदौर संभाग के रतलाम, झाबुआ, धार, बड़वानी और इंदौर में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इन जिलों में अगले 24 घंटे में 4 इंच या उससे अधिक पानी गिरने की संभावना है। भारी बारिश के कारण इन इलाकों में नदी-नालों के उफान पर आने और निचले क्षेत्रों में पानी भरने का खतरा बढ़ गया है।

नर्मदा का बढ़ता जलस्तर

नर्मदा में तेजी से बढ़ते पानी ने भी चिंता बढ़ा दी है। नर्मदापुरम के सेठानी घाट पर जलस्तर 946.40 फीट दर्ज किया गया है। पिछले 48 घंटे में नदी का जलस्तर करीब 10 फीट बढ़ा है।

पिछले 24 घंटे की वर्षा

पिछले 24 घंटे में राजगढ़ के ब्यावरा में लगभग 9 इंच बारिश हुई। खिलचीपुर में 8 इंच और जीरापुर में 7.7 इंच पानी गिरा। राजगढ़ शहर में 4.4 इंच, नरसिंहपुर और पचोर में 3.7 इंच तथा रंगपुर में 3.6 इंच बारिश दर्ज की गई। आगर-मालवा के सोयतकलां में 7.7 इंच, आगर में 3.6 इंच और शाजापुर के गुलाना में 3.8 इंच बारिश हुई। गुना के कुंभराज में 3.7 इंच तथा शाजापुर शहर में 3.4 इंच पानी गिरा।

मौसम प्रणाली और आगामी चार दिन

मौसम विभाग के अनुसार, इंदौर क्षेत्र में निम्न दाब क्षेत्र और मानसून की द्रोणिका सक्रिय है। दक्षिणी हिस्से से भी एक द्रोणिका गुजर रही है। इसी वजह से पिछले 72 घंटे से प्रदेश में बारिश का दौर बना हुआ है। उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में भी नया चक्रवात सक्रिय हुआ है। इसके प्रभाव से लगभग 12 अगस्त के आसपास एक और निम्न दाब क्षेत्र बनने की संभावना है। ऐसे में अगले चार दिन प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

वर्षा की कमी और अधिकता

लगातार बारिश के बावजूद प्रदेश के 45 जिलों में वर्षा सामान्य से कम है। पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में लगभग 18 प्रतिशत तक कमी है। कई जिलों में सामान्य से 4 से 52 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज हुई है। पश्चिमी हिस्से के भी कई जिलों में 5 से 46 प्रतिशत तक बारिश कम है। हालांकि, भोपाल, गुना, सीहोर, राजगढ़, ग्वालियर, अनूपपुर, भिंड, बुरहानपुर, देवास और खरगोन में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है।

मानसून सीजन की स्थिति

जून में प्रदेश में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई में तेज बारिश के बावजूद मानसून में दो बार ब्रेक आने से इसकी भरपाई नहीं हो सकी। जुलाई का बारिश कोटा पूरा हो गया, लेकिन पूरे मानसून सीजन में प्रदेश अभी भी सामान्य से लगभग 13 प्रतिशत पीछे है। मध्य प्रदेश में मानसून सीजन की सामान्य बारिश 37.3 इंच है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में सामान्य बारिश लगभग 38 से 39 इंच रहती है।