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2026-08-06

मध्य प्रदेश में 18% कम बारिश, 43 जिले प्रभावित

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, भोपाल।

मध्य प्रदेश में बारिश का समग्र आंकड़ा 18 प्रतिशत कम दर्ज किया गया है। सीजन में अब तक औसत से साढ़े तीन इंच कम बारिश हुई है। प्रदेश के 55 में से 43 जिलों की स्थिति खराब है।
मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, प्रदेश में पिछले एक सप्ताह से भारी बारिश रिकॉर्ड नहीं की गई है। हालांकि, बुधवार को पांच जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, पिछले तीन-चार दिनों से प्रदेश में सक्रिय हुए सिस्टम उतने मजबूत नहीं थे, जो भारी बारिश करा सकें। इस कारण प्रदेश में समग्र बारिश का आंकड़ा लगातार नकारात्मक बना हुआ है।
बुधवार को प्रदेश के उत्तरी हिस्से में दो चक्रवाती परिसंचरणों की सक्रियता देखी गई है। इसके परिणामस्वरूप ग्वालियर-चंबल, सागर और रीवा संभाग में बारिश का दौर चला।

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नए सिस्टम से उम्मीद

मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक ने बताया कि एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय हुआ है। इसका असर अगले कुछ दिनों में प्रदेश में देखने को मिलेगा, जिससे लगातार तेज बारिश का दौर शुरू होगा।

आज इन जिलों में अलर्ट

बुधवार को दतिया, भिंड, छतरपुर, पन्ना और सतना में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, मुरैना, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, दमोह, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।

औसत से कम बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में अब तक औसत 16 इंच (407.2 मिमी) बारिश हुई है, जबकि 19.5 इंच (495.2 मिमी) पानी गिरना था। इस प्रकार 3.5 इंच यानी 18 प्रतिशत बारिश कम हुई है। इस सीजन में हुई बारिश कोटे की आधी भी नहीं है।
पूर्वी हिस्से, जैसे जबलपुर, शहडोल, रीवा और सागर संभाग में 22 प्रतिशत कम बारिश हुई है। इन संभागों का एक भी जिला ऐसा नहीं है, जहां औसत से अधिक बारिश हुई हो।
अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़ और उमरिया में 1 प्रतिशत से 42 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है।
वहीं, पश्चिमी हिस्से के भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम और ग्वालियर-चंबल संभाग में 15 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।
आगर-मालवा, अलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, भोपाल, दतिया, धार, गुना, ग्वालियर, हरदा, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में औसत से कम पानी गिरा है।
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी हिस्से के बड़वानी, भिंड, बुरहानपुर, देवास, इंदौर, खंडवा और खरगोन में ही औसत से अधिक बारिश दर्ज की गई है।

मासिक बारिश के आंकड़े

मौसम विभाग के अनुसार, जून में 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई के शुरुआती दिनों में तेज बारिश होने से यह आंकड़ा बढ़ा, लेकिन बाद में मानसून दो बार कमजोर पड़ा और कई दिनों तक बारिश नहीं हुई।
जुलाई के आखिरी सप्ताह में फिर से मजबूत सिस्टम सक्रिय हुआ, बावजूद इसके महीने में 13 प्रतिशत कम बारिश हुई है।
प्रदेश की सामान्य बारिश 37.3 इंच है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जिले की सामान्य बारिश 38 से 39 इंच तक होती है।

प्रमुख शहरों के बारिश रिकॉर्ड

**भोपाल**
भोपाल में अगस्त माह में मानसून जमकर बरसता है। इस महीने राजधानी में औसत साढ़े 35 इंच तक बारिश 2006 में दर्ज की गई थी। 24 घंटे में सर्वाधिक लगभग 12 इंच बारिश 14 अगस्त 2006 को हुई थी। पिछले सालों की बात करें तो 2015 और 2022 में 30 इंच से ज्यादा पानी गिर चुका है। भोपाल में इस महीने औसतन 14 दिन बारिश होती है, जिसमें 13 दिन तक पानी गिर जाता है। यहां जुलाई जैसे ही सिस्टम सक्रिय होते हैं।
**इंदौर**
इंदौर में अगस्त महीने में औसत 28 इंच बारिश का रिकॉर्ड 1944 में दर्ज किया गया था। 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश का रिकॉर्ड 22 अगस्त 2020 को बना था, जब साढ़े 10 इंच पानी गिरा था। पिछले 10 साल में दो बार 17 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है। इंदौर में अगस्त महीने की औसत बारिश 10 से 11 इंच है और महीने में 12 से 13 दिन तक बारिश होती है।
**ग्वालियर**
ग्वालियर में 24 घंटे में साढ़े 8 इंच बारिश होने का रिकॉर्ड 10 अगस्त 1927 को बना था। सर्वाधिक मासिक बारिश वर्ष 1916 में 28 इंच हुई थी। इस महीने की औसत बारिश साढ़े 9 इंच है और औसतन 12 दिन बारिश होती है।
**जबलपुर**
जबलपुर में एक महीने में 44 इंच बारिश का रिकॉर्ड है, जो 102 साल पहले यानी वर्ष 1923 में अगस्त महीने में दर्ज किया गया था। इसी साल 20 अगस्त को 24 घंटे में ही 13 इंच बारिश हुई थी, जिससे बादल फटने जैसी स्थिति बनी थी। जबलपुर में इस महीने की औसत बारिश 18 इंच है और करीब 16 दिन तक पानी गिरता है। पिछले 10 साल की बात करें तो साल 2019 में यहां 30.61 इंच बारिश हुई थी।
**उज्जैन**
उज्जैन में साल 2006 में सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड बना था, जब अगस्त महीने में करीब 35 इंच बारिश हुई थी। इसी साल 24 घंटे में सर्वाधिक 12 इंच बारिश का रिकॉर्ड 10 अगस्त को बना था। उज्जैन में अगस्त की औसत बारिश 10 इंच है और 10 से 11 दिन यहां बारिश होती है।