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2026-07-31

महाकालेश्वर मंदिर में श्रावण मास हेतु दर्शन व भस्म आरती के समय में परिवर्तन

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, उज्जैन।

यह जानकारी उन श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण है जो श्रावण मास में बाबा महाकाल के दर्शन के लिए धार्मिक नगरी उज्जैन आने की योजना बना रहे हैं। विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रावण-भादौ मास को देखते हुए दर्शन व्यवस्था और मंदिर के पट खुलने के समय में बदलाव किया गया है। बाबा महाकाल की प्रातःकालीन भस्म आरती के समय में भी परिवर्तन किया गया है।
महाकालेश्वर मंदिर के सहायक प्रशासक आशीष पलवाड़िया ने बताया कि 30 जुलाई से श्रावण मास प्रारंभ हो रहा है। इसे देखते हुए मंदिर के पट प्रतिदिन सुबह 3 बजे खोल दिए जाएंगे।
इसके बाद सप्ताह में छह दिन सुबह 3 बजे से 5 बजे के बीच बाबा महाकाल की भस्म आरती संपन्न होगी।
प्रत्येक सोमवार को श्रद्धालुओं की अधिक संख्या को देखते हुए मंदिर के पट रात 2:30 बजे ही खोल दिए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु समय पर बाबा महाकाल के दर्शन और भस्म आरती का लाभ ले सकें।

सामान्य दर्शन व्यवस्था

श्रावण-भादौ मास के दौरान सामान्य दर्शनार्थियों का प्रवेश त्रिवेणी संग्रहालय के समीप से नंदी द्वार, श्री महाकाल महालोक, मानसरोवर भवन, फैसिलिटी सेंटर-1, टनल, मंदिर परिसर, कार्तिक मंडपम और गणेश मंडपम मार्ग से कराया जाएगा।
नीलकंठ प्रवेश द्वार की ओर से आने वाले श्रद्धालु मानसरोवर भवन से प्रवेश कर फैसिलिटी सेंटर-1, टनल, कार्तिक मंडपम और गणेश मंडपम होते हुए दर्शन करेंगे।
दर्शन के बाद वे निर्माल्य द्वार अथवा नवीन आपातकालीन निर्गम द्वार से बाहर निकलेंगे।
श्रद्धालुओं के लिए जल अर्पण की व्यवस्था सभा मंडप और कार्तिकेय मंडपम में जलपात्रों के माध्यम से रहेगी।

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शीघ्र दर्शन व्यवस्था

शीघ्र दर्शन के लिए मार्ग-1 निर्धारित किया गया है, जिसमें श्रद्धालु हरसिद्धि चौराहा से बैरिकेडिंग मार्ग होते हुए द्वार क्रमांक-5, विश्रामधाम, सभा मंडप और गणेश मंडपम के रास्ते दर्शन कर निर्गम द्वार से बाहर निकलेंगे।
शीघ्र दर्शन के लिए मार्ग-2 के तहत द्वार क्रमांक-1 से विश्रामधाम, सभा मंडप और गणेश मंडपम के रास्ते बाबा महाकाल के दर्शन कर श्रद्धालु सीधे निर्गम द्वार से बाहर जाएंगे।

कांवड़ यात्रियों हेतु विशेष व्यवस्था

श्रावण-भादौ मास में बड़ी संख्या में कांवड़ यात्रियों के आगमन को देखते हुए जल अर्पण की विशेष व्यवस्था सप्ताह में चार दिन—मंगलवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार—की गई है।
कांवड़ यात्रियों को द्वार क्रमांक-1 तथा हरसिद्धि चौराहा स्थित विशेष दर्शन मार्ग से प्रवेश दिया जाएगा।
हालांकि शनिवार, रविवार और सोमवार को श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ के कारण किसी भी कांवड़ दल को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।

अन्य सुविधाएं

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए निम्न स्थानों पर जूता स्टैंड बनाए गए हैं: त्रिवेणी संग्रहालय के बाहर, श्री महाकाल महालोक प्लाजा के पास, विक्रम टीला के समीप, द्वार क्रमांक-1, हरसिद्धि चौराहा, मानसरोवर भवन के सामने और नीलकंठ प्रवेश द्वार।
वाहनों की पार्किंग के लिए निम्न स्थान निर्धारित किए गए हैं: श्री महाकालेश्वर अन्नक्षेत्र के समीप स्थित रिक्त स्थान, मेघदूत वन पार्किंग, नीलकंठ पार्किंग, चारधाम पार्किंग, कर्कराज पार्किंग और कार्तिक मेला ग्राउंड पार्किंग।