बुलंद सोच, मंदसौर।
मंदसौर जिले के सीतामऊ थाना क्षेत्र के ग्राम मानपुरा में पुलिस ने एमडी ड्रग्स फैक्ट्री शुरू होने से पहले ही छापामार कार्रवाई की है। मौके से लगभग 3 क्विंटल केमिकल जब्त किया गया। पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीना द्वारा गठित विशेष टीम ने यह कार्रवाई की। इस टीम में निरीक्षक अनिल रघुवंशी, निरीक्षक कमलेश प्रजापति, एसआई कपिल सौराष्ट्रीय, एसआई विकास गेहलोत सहित दो से तीन थानों की पुलिस टीम शामिल थी। आरोपी मानपुरा से दूर बड़ावदी रोड पर एक तीन शेड के छपरे में ड्रग्स बनाने की तैयारी कर रहे थे।
सीबीएन द्वारा फार्मा डायवर्जन रैकेट का खुलासा
केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) मध्य प्रदेश की टीम ने गुजरात के मोरबी में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए फार्मा डायवर्जन रैकेट का खुलासा किया है। इस रैकेट में एक करोड़ रुपये से अधिक कीमत की एनआरएक्स दवाइयों के अवैध डायवर्जन की बात सामने आई है। मामले में और अधिक गहनता से जांच की जा रही है।
जोधपुर और मोरबी में संयुक्त कार्रवाई
इससे पहले, 4 मई 2026 को सीबीएन के डीएनसी कार्यालय नीमच की संयुक्त टीम ने राजस्थान के जोधपुर में कार्रवाई की थी। इस दौरान एक बाइक पर सवार दो आरोपियों को मौके से पकड़ा गया था। तलाशी में बाइक सवार दोनों आरोपियों के पास से 31 हजार 520 एनआरएक्स टेबलेट बरामद की गई थी। दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध क्रमांक 23/2026 दर्ज कर जांच की जा रही थी। आरोपियों से पूछताछ में सीबीएन टीम को कई महत्वपूर्ण जानकारियां हाथ लगीं, जिसके आधार पर सीबीएन मध्य प्रदेश की टीम ने गुजरात के मोरबी में कार्रवाई की।
मोरबी में एमएस आदित्य फार्मा पर दबिश
टीम ने मोरबी स्थित एमएस आदित्य फार्मा परिसर में दबिश दी। तलाशी के दौरान कई चौंकाने वाली बातें सामने आईं। मौके पर बड़ी मात्रा में एनआरएक्स टेबलेट, ऑनलाइन और अन्य दस्तावेज मिले। इन दस्तावेजों से पिछले 7 से 8 माह में एक करोड़ रुपये से अधिक कीमत की एनआरएक्स टेबलेट के अवैध डायवर्जन की जानकारी मिली। टीम ने मौके से मादक सामग्री जब्त कर एमएस आदित्य फार्मा फर्म के मालिक को गिरफ्तार किया। फर्म के मालिक के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। एनआरएक्स दवाइयों के अवैध डायवर्जन के नेटवर्क का पता लगाने की दिशा में गहनता से जांच की जा रही है।
मोरबी से जब्त सामग्री
गुजरात के मोरबी से जब्त की गई सामग्री में 200 डायजेपाम टेबलेट, 1000 ट्रामाडोल एचसीएल 100 एमजी टेबलेट, 300 ट्रामाडोल टेबलेट, 100 ट्रामाडोल इंजेक्शन, 104 ग्राम संदिग्ध ट्रामाडोल की खुली गोलियां, बिल, कंप्यूटरीकृत सॉफ्टवेयर रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेज शामिल हैं। इन दस्तावेजों और सामग्रियों से पिछले 7 से 8 माह में एक करोड़ रुपये से अधिक कीमत की एनआरएक्स दवाइयों के अवैध डायवर्जन की जानकारी सामने आई है।
सप्लाई नेटवर्क पर जांच
राजस्थान के जोधपुर और गुजरात के मोरबी में हुई इन कार्रवाइयों के बाद सीबीएन अब एनआरएक्स दवाइयों के अवैध कारोबार और सप्लाई नेटवर्क की जांच कर रही है। इस अवैध कारोबार में लिप्त आरोपियों और नेटवर्क के साथ उनकी काली कमाई की जांच भी टीम के स्तर पर की जा रही है।

