बुलंद सोच, भोपाल।
मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार एक बार फिर धीमी पड़ गई है। पिछले कई दिनों से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में जोरदार बारिश नहीं होने के कारण वर्षा का घाटा बढ़कर 16 प्रतिशत तक पहुंच गया है। इसका सबसे अधिक असर पूर्वी मध्य प्रदेश में देखा गया है, जहां सामान्य से 23 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।
वर्तमान वर्षा आंकड़े और क्षेत्रीय कमी
भोपाल मौसम केंद्र के अनुसार, प्रदेश में अब तक 261.4 मिलीमीटर (लगभग 10.3 इंच) बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस समय तक सामान्य रूप से 311.8 मिलीमीटर (लगभग 12.3 इंच) वर्षा होनी चाहिए थी। लगातार 12 दिनों से प्रदेश में व्यापक और तेज बारिश नहीं होने के कारण वर्षा का अंतर बढ़ता जा रहा है। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 23 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी वर्षा में 10 प्रतिशत की कमी रही है।
39 जिलों में सामान्य से कम बारिश
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के 39 जिलों में अब तक सामान्य से कम बारिश हुई है। इनमें अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, दतिया, धार, गुना, झाबुआ, मुरैना, नर्मदापुरम, रायसेन, रतलाम, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी और विदिशा शामिल हैं।
पूर्वी मध्य प्रदेश में सबसे अधिक कमी
मौसम विभाग के मुताबिक, पूर्वी मध्य प्रदेश के कई जिले सबसे ज्यादा वर्षा की कमी से जूझ रहे हैं। हालांकि, जुलाई के अंतिम सप्ताह में बनने वाले मजबूत मौसम तंत्र से इन इलाकों में बारिश की स्थिति में सुधार होने की संभावना जताई गई है।
आगामी दिनों का पूर्वानुमान
मौसम विभाग का कहना है कि अगले चार दिनों तक अधिकांश जिलों में हल्की बारिश का दौर जारी रहेगा। आज दमोह, मंडला और डिंडौरी जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं भोपाल, इंदौर समेत 47 जिलों में गरज-चमक, तेज हवा और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा नीमच, मंदसौर, रतलाम, उज्जैन और आगर-मालवा में दिनभर बादल छाए रहने का अनुमान है।
जुलाई के अंत में मजबूत सिस्टम की उम्मीद
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि फिलहाल प्रदेश में हल्की बारिश का दौर जारी रहेगा, लेकिन जुलाई के अंतिम सप्ताह में मजबूत मौसम तंत्र सक्रिय होने की संभावना है। इसके प्रभाव से मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश हो सकती है, जिससे वर्षा की कमी काफी हद तक पूरी होने की उम्मीद है।
सर्वाधिक और न्यूनतम वर्षा वाले जिले
अब तक प्रदेश में सबसे अधिक बारिश देवास जिले में दर्ज की गई है, जहां सामान्य से 102 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है। वहीं सबसे कम बारिश आलीराजपुर जिले में रिकॉर्ड की गई है, जहां अब तक सामान्य से 74 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। मौसम विभाग का मानना है कि यदि महीने के अंत में मजबूत बारिश होती है तो इन जिलों में भी स्थिति में सुधार आ सकता है।
