बुलंद सोच, ग्वालियर।
ग्वालियर के चार्टर्ड एकाउंटेंट अशोक विजयवर्गीय को क्रिप्टो में निवेश का झांसा देकर की गई 21.05 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले में राज्य साइबर पुलिस को पहली सफलता मिली है। राज्य साइबर पुलिस की टीम ने शाजापुर निवासी भाजपा के जिला पंचायत सदस्य जगदीश कुमार मालवीय को गिरफ्तार किया है।
ठगे गए 21.05 करोड़ रुपये में से 50 लाख रुपये जिला पंचायत सदस्य जगदीश कुमार मालवीय के बैंक खाते में जमा हुए थे। राज्य साइबर पुलिस की टीम उसे गिरफ्तार कर ग्वालियर ले आई है और कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया है।
पुलिस उससे पूछताछ कर रही है, जिसमें उसने म्यूल खातों से जुड़े अंतर्राज्यीय गिरोह के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी है। इस जानकारी पर टीम काम कर रही है, जिसके बाद एक टीम कर्नाटक और तमिलनाडु के लिए रवाना हुई है।
ठगी का विवरण
यह मध्य प्रदेश की अब तक की सबसे बड़ी साइबर ठगी मानी जा रही है। आरोपित जगदीश कुमार मालवीय भारतीय सेना से सेवानिवृत्त है।
ग्वालियर के इंदरगंज स्थित रोशनीघर रोड इलाके में रहने वाले 70 वर्षीय चार्टर्ड एकाउंटेंट अशोक विजयवर्गीय के पास एक दिसंबर को दिव्या सिंह नामक महिला का कॉल आया था। उसने दोस्ती की और फिर विभिन्न प्लेटफॉर्म के माध्यम से क्रिप्टो में निवेश कर भारी मुनाफा कमाने का झांसा दिया।
इसके बाद अशोक विजयवर्गीय ने एक दिसंबर 2025 से सात जुलाई 2026 के बीच अलग-अलग बैंक खातों में कुल 21 करोड़ पांच लाख 92 हजार रुपये जमा किए। जब उन्होंने पैसा निकालने का प्रयास किया तो उनसे और रुपये मांगे गए, जिसके बाद उन्हें ठगी का अहसास हुआ।
पीड़ित ने राज्य साइबर पुलिस के ग्वालियर स्थित नोडल थाने में प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कराई। पुलिस की पड़ताल में एक बैंक खाता शाजापुर का निकला, जिसमें 50 लाख रुपये गए थे और फिर यह पैसा आगे ट्रांसफर हुआ।
आरोपित की संदिग्ध गतिविधियां
पकड़ा गया आरोपित दूसरों से ठगी गई रकम से अय्याशी कर रहा था; पता चला है कि वह जुलाई माह में ही बैंकॉक, थाईलैंड घूमकर आया है। उसके साथ उसके अन्य साथी भी थे।
आरोपित जगदीश कुमार मालवीय के बैंक खाते में राज्य साइबर पुलिस की टीम को 2.50 करोड़ रुपये से अधिक संदिग्ध लेनदेन (ट्रांजेक्शन) मिले हैं। आशंका है कि उसने अपना खाता दूसरी ठगी की वारदातों में ठगी गई रकम की हेराफेरी के लिए भी इस्तेमाल किया है, जिसकी पड़ताल राज्य साइबर पुलिस कर रही है।
राजनीतिक दबाव और जांच का दायरा
आरोपित वर्तमान में जिला पंचायत सदस्य है और भाजपा से जुड़ा है; वह अखिल भारतीय बलाई समाज का प्रदेश उपाध्यक्ष भी है। इसके चलते कई रसूखदार और राजनीतिक लोगों के फोन उसे छोड़ने के लिए पुलिस अधिकारियों के पास पहुंचे।
जब पुलिस अधिकारियों ने उन्हें बताया कि यह मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी साइबर ठगी में शामिल है, तो सिफारिश करने वाले भी दंग रह गए।
इस ठगी के मामले में फरियादी द्वारा 76 बैंक खातों में 106 बार में 21 करोड़ पांच लाख 92 हजार रुपये भेजे गए। इसके बाद पैसा 15 लेयर तक गया, जिसमें 20 हजार से अधिक बैंक खाते चिन्हित हुए हैं।
चिन्हित खातों में से लगभग 35 प्रतिशत पैसा दक्षिण के राज्यों के बैंक खातों में पहुंचा है।
पुलिस का बयान
निरीक्षक मुकेश नारोलिया, राज्य साइबर सेल ने बताया कि “21.05 करोड़ रुपये की साइबर ठगी में शाजापुर से एक आरोपित पकड़ा है, जिसके खाते में 50 लाख रुपये गए थे। उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। आरोपित वर्तमान में जिला पंचायत सदस्य है।”

