बुलंद सोच, मुरैना।
भाजपा जिलाध्यक्ष कमलेश कुशवाह ने 31 जुलाई शुक्रवार को अपने शिवनगर स्थित आवास पर कुशवाह समाज का एक सम्मेलन आयोजित किया था। इस सम्मेलन में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। अपने भाषण के दौरान उन्होंने कुशवाह समाज की प्रशंसा की, परंतु भाषण के बीच में उन्होंने कहा कि कुशवाह समाज बीच-बीच में गुलाटी मार जाता है, जिससे समाज ने अपनी विश्वसनीयता खंडित की है। विधानसभा अध्यक्ष ने आगे यह भी कहा कि एक खूंटे से बंधे रहने वाले समाज की पूछ और प्रतिष्ठा रहती है।
समाज का विरोध
इस बयान के बाद कुशवाह समाज विधानसभा अध्यक्ष के विरोध में आ गया। तोमर के खिलाफ कुशवाह समाज के पूर्व विधायकों, अन्य जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने सोशल मीडिया पर बयानबाजी शुरू कर दी। मंगलवार दोपहर को कुशवाह समाज ने जौरा में तोमर का पुतला भी फूंका।
माफीनामे से शांत हुआ मामला
लगातार तूल पकड़ रहे इस मामले को तोमर के लिखित माफीनामे ने शांत कर दिया। उनका माफीनामा मंगलवार-बुधवार की रात में सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने अपने शब्दों पर खेद व्यक्त किया है। तोमर ने अपने पत्र में लिखा कि यह एक पारिवारिक कार्यक्रम था और चर्चा उसी माहौल में हो रही थी। उन्होंने कहा कि वह कुशवाह समाज का सम्मान करते रहे हैं और जीवनभर करते रहेंगे, तथा अपमान करने की बात सपने में भी नहीं सोच सकते। उन्होंने आगे लिखा कि यदि उनके किसी शब्द से किसी समाजबंधु को ठेस लगी है, तो वह अपने शब्द वापस लेते हैं और जो तकलीफ हुई, उसके लिए खेद है।

