BREAKING NEWS
2026-07-24

छात्रों को परीक्षा से पहले मिलेगा तैयारी अवकाश, उच्च शिक्षा विभाग ने किया अनिवार्य

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, ग्वालियर।

प्रदेश के विश्वविद्यालयों और शासकीय-अशासकीय महाविद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। उच्च शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक कैलेंडर जारी करते हुए परीक्षा पूर्व तैयारी अवकाश (प्रिपरेटरी लीव) को अनिवार्य रूप से लागू करने का निर्णय लिया है।

Advertisement

इस नई व्यवस्था के तहत, वार्षिक और सेमेस्टर परीक्षाओं से पूर्व विद्यार्थियों को पर्याप्त समय प्राप्त होगा। इससे वे नियमित कक्षाओं के दबाव के बिना अपनी परीक्षा की बेहतर तैयारी कर सकेंगे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि तैयारी अवकाश का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को अंतिम समय में पाठ्यक्रम का पुनरावलोकन करने, कमजोर विषयों पर अतिरिक्त ध्यान केंद्रित करने और परीक्षा संबंधी तनाव को कम करने का अवसर प्रदान करना है।

इस पहल से न केवल परीक्षा परिणामों में सुधार की अपेक्षा है, बल्कि एक समयबद्ध और व्यवस्थित शैक्षणिक सत्र भी सुनिश्चित होगा।

शैक्षणिक कैलेंडर में प्रायोगिक परीक्षाओं के लिए भी समय-सीमा निर्धारित की गई है। सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों को 5 मार्च से 20 मार्च 2027 के मध्य अनिवार्य रूप से प्रायोगिक परीक्षाएं आयोजित करनी होंगी।

इसके अतिरिक्त, आंतरिक मूल्यांकन को भी निर्धारित समय के भीतर पूर्ण कर विद्यार्थियों के अंक संबंधित विश्वविद्यालयों को भेजना अनिवार्य होगा। उच्च शिक्षा विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि परीक्षा, मूल्यांकन और परिणाम की संपूर्ण प्रक्रिया निर्धारित समय-सीमा के अनुसार ही संचालित की जाएगी। इसका उद्देश्य किसी भी स्तर पर देरी को रोकना और विद्यार्थियों के अगले शैक्षणिक सत्र को समय पर प्रारंभ करना है।

विभाग ने सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों को इस कैलेंडर का कड़ाई से पालन करने के निर्देश जारी किए हैं।

शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, परीक्षा से पहले मिलने वाला तैयारी अवकाश विद्यार्थियों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण पहल है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे विद्यार्थियों को व्यवस्थित अध्ययन के लिए समय मिलेगा, परीक्षा का मानसिक दबाव कम होगा और उनके बेहतर प्रदर्शन की संभावना बढ़ेगी।

विद्यार्थियों की ओर से भी परीक्षाओं से ठीक पहले नियमित कक्षाओं के बजाय तैयारी के लिए अलग समय दिए जाने की मांग लंबे समय से की जा रही थी। इस नई व्यवस्था के लागू होने से लाखों विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।