बुलंद सोच, नर्मदापुरम।
नर्मदापुरम शहर में संचालित मीना फ्रैक्चर अस्पताल के खिलाफ मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई की। विभाग ने मरीज के इलाज में लापरवाही बरतने और आयुष्मान भारत निरामयम योजना में वित्तीय अनियमितता तथा फर्जीवाड़ा के दोषी पाए जाने पर यह कार्रवाई की है।
स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल प्रबंधन को लाइसेंस निरस्त करने के लिए नोटिस जारी किया। इसके साथ ही, आयुष्मान योजना से अस्पताल की पात्रता निरस्त करने की अनुशंसा भी की गई।
इलाज में लापरवाही की शिकायत
दरअसल, हथवास पिपरिया निवासी रेखा अहिरवार ने जनसुनवाई एवं सीएमएचओ कार्यालय में अस्पताल के संचालक डॉ. एएस मीना और उनके अन्य डॉक्टरों द्वारा इलाज में लापरवाही बरतने की शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सीएमएचओ कार्यालय ने तीन सदस्यीय जांच दल का गठन किया था। दल ने शिकायतकर्ता, अस्पताल के संचालक डॉ. एएस मीना और इलाज में शामिल अन्य डॉक्टरों के बयान दर्ज किए।
जांच में अनियमितताएं
जांच रिपोर्ट के आधार पर अनियमितताएं पाई गईं।
एंबुलेंस में न ऑक्सीजन न हूटर था, सवा घंटे में अस्पताल पहुंचाया गया, जबकि इंदौर में एक अकाउंटेंट की 20 मिनट पहले ही मौत हो गई थी।
आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़ा
जांच में पाया गया कि आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद अस्पताल प्रशासन द्वारा दोनों ऑपरेशनों के दौरान अवैध रूप से पैसे लिए गए। मरीज की ओर से जांच समिति के समक्ष इसके ठोस साक्ष्य प्रस्तुत किए गए।
आयुष्मान योजना के तहत अधिक राशि का पैकेज बुक किया गया, जिससे शासन को सीधा वित्तीय नुकसान पहुंचाया गया।
जांच दल की रिपोर्ट में मरीज के इलाज के दौरान डॉक्टरों द्वारा लापरवाही बरते जाने की बात भी सही पाई गई।
अस्पताल पर कार्रवाई की अनुशंसा
इसके चलते अस्पताल का पंजीयन निरस्त करने के लिए नोटिस थमाया गया है।
सीएमएचओ कार्यालय द्वारा सीईओ, आयुष्मान भारत निरामयम भोपाल को पत्र भेजकर अस्पताल की आयुष्मान योजना के तहत पात्रता को तत्काल निरस्त करने की अनुशंसा की गई है।
डॉ. नरसिंह गेहलोत, सीएमएचओ, नर्मदापुरम ने बताया कि मरीज से अस्पताल प्रबंधन के संबंध में शिकायत की गई थी। शिकायत में आरोप सही पाए जाने पर अस्पताल प्रबंधन को नोटिस दिया गया है। साथ ही, आयुष्मान भारत योजना की पात्रता खत्म करने की भी अनुशंसा की गई है।

