बुलंद सोच, ग्वालियर।
बिना परीक्षण किए शासकीय भूमि का नामांतरण आदेश पारित करने और इसके बाद सक्षम अधिकारी से पुनर्विलोकन अनुमति प्राप्त किए बगैर आदेश निरस्त करना नायब तहसीलदार सतेन्द्र तोमर को भारी पड़ा है।
संभागीय आयुक्त मनोज खत्री ने इस अनियमितता पर उन्हें निलंबित कर दिया है। संभागीय आयुक्त ने यह कार्रवाई ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान के प्रतिवेदन के आधार पर की है।
कलेक्टर के प्रतिवेदन में लापरवाही का खुलासा करते हुए उल्लेख किया गया था कि पुरानी छावनी वृत्त के नायब तहसीलदार सतेन्द्र तोमर द्वारा ग्राम मऊ की शासकीय भूमि सर्वे क्रं 296/2 का नामांतरण आदेश पारित किया गया था। इसके बाद उन्होंने वरिष्ठ अधिकारी से पुनर्विलोकन अनुमति प्राप्त किए बिना ही अपने आदेश को संशोधित कर दिया।
मध्यप्रदेश राजस्व संहिता (एमपी एलआरसी) अथवा अन्य किसी भी विधान में क्षेत्राधिकार के बाहर जाकर कार्यवाही करना किसी भी पीठासीन अधिकारी के लिए अनुज्ञेय नहीं है।
नायब तहसीलदार सतेन्द्र तोमर की शासकीय कार्य के प्रति पदीय दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही, कर्तव्यविमुखता एवं उदासीनता सामने आने पर संभागीय आयुक्त ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण नियंत्रण तथा अपील) नियम के प्रावधानों के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
निलंबन अवधि में सतेन्द्र तोमर का मुख्यालय ग्वालियर कलेक्टर कार्यालय रहेगा और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता रहेगी।

