बुलंद सोच, पन्ना।
पन्ना जिले से वन्यजीव संरक्षण से जुड़ी एक चिंताजनक खबर सामने आई है। देशभर में गिद्धों के संरक्षण और उनकी बढ़ती संख्या के लिए पहचाने जाने वाले पन्ना में एक साथ आठ दुर्लभ गिद्धों के शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया है।
शुरुआती आशंका व्यक्त की गई है कि एक सियार की जहरीले पदार्थ के सेवन से मौत हुई थी। इसके शव को खाने के बाद गिद्ध भी जहर का शिकार हो गए।
वन विभाग ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और मृत वन्यजीवों के सैंपल प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
घटना का विवरण
यह मामला पन्ना उत्तर वन मंडल के वन परिक्षेत्र से लगभग तीन किलोमीटर दूर स्थित पहाड़ीखेरा गांव का है। किसान राम स्नेही प्रजापति के खेत में एक साथ आठ गिद्धों और एक सियार के शव मिले थे।
ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी, जिसके बाद अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे। घटनास्थल का निरीक्षण कर पूरे क्षेत्र को सुरक्षित किया गया और साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई शुरू की गई।
प्रारंभिक जांच
प्राथमिक जांच में यह आशंका जताई गई है कि करीब एक सप्ताह पहले किसी जहरीले पदार्थ के सेवन से सियार की मौत हुई होगी। झाड़ियों में पड़ा होने के कारण उसका शव किसी की नजर में नहीं आया था।
बाद में भोजन की तलाश में पहुंचे गिद्धों के झुंड ने सियार के शव को खाया और जहरीले मांस के असर से एक-एक कर आठ गिद्धों की मौत हो गई।
हालांकि, वन विभाग का कहना है कि गिद्धों और सियार की मौत के वास्तविक कारण का खुलासा जांच रिपोर्ट आने के बाद ही होगा।
नमूने प्रयोगशाला भेजे गए
घटना की सूचना मिलते ही डीएफओ धीरेंद्र प्रताप सिंह, रेंजर राहुल शाक्यवार और वन अमला मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने मृत गिद्धों और सियार के अवशेषों का विसरा सुरक्षित कर जांच के लिए सागर और जबलपुर की प्रयोगशालाओं में भेज दिया है।
इसके साथ ही, आसपास के क्षेत्र की गहन तलाशी भी ली जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं अन्य वन्यजीव भी इस जहरीले शिकार की चपेट में तो नहीं आए हैं।
वन्यजीव संरक्षण पर चिंता
गिद्धों को प्रकृति के सफाईकर्मी माना जाता है और वे मृत पशुओं को खाकर पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
ऐसे में एक साथ आठ गिद्धों की संदिग्ध मौत वन्यजीव संरक्षण के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
यदि जांच में जहरीले पदार्थ से मौत की पुष्टि होती है, तो यह मामला वन्यजीवों की सुरक्षा और अवैध रूप से जहर के इस्तेमाल पर बड़े सवाल खड़े करेगा।
फिलहाल, सभी की नजर अब प्रयोगशाला की रिपोर्ट पर टिकी है, जो इन दुर्लभ गिद्धों की मौत की असली वजह बताएगी। वन विभाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही है।

