बुलंद सोच, भोपाल।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए संविदा आयुष चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस भर्ती से जिला और ब्लॉक स्तर पर खाली पड़े आयुष डॉक्टरों के पदों को भरा जाएगा। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत आयुर्वेदिक, होम्योपैथी और यूनानी चिकित्सा अधिकारियों के रिक्त पदों पर सीधी भर्ती की जाएगी। विभाग का उद्देश्य ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का नेटवर्क मजबूत करना है, जिससे लोगों को उनके घर के पास ही बेहतर इलाज मिल सके।
स्कूल-आंगनबाड़ी में बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण
योजना के तहत तैनात होने वाले आयुष डॉक्टर आंगनबाड़ियों और सरकारी स्कूलों में जाकर शून्य से 18 वर्ष तक के बच्चों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण करेंगे। भर्ती से डॉक्टरों की संख्या बढ़ने पर जन्मजात बीमारियों, कुपोषण, एनीमिया, दृष्टि-दोष और अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित बच्चों की समय रहते पहचान हो सकेगी। चिन्हित बच्चों को नि:शुल्क इलाज और दवाइयां उपलब्ध कराई जाएंगी। आयुर्वेदिक, होम्योपैथी और यूनानी चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति से पारंपरिक एवं वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों की पहुंच आम जनमानस तक बढ़ेगी। आंबडेकर अस्पताल को डॉक्टर नहीं मिल रहे हैं, जहां 135 सीधी भर्ती पदों के साक्षात्कार में केवल छह उम्मीदवार आए और उनमें से पांच का चयन हुआ।

