बुलंद सोच, ग्वालियर।
प्रदेश के सभी आरटीओ कार्यालयों में जनता के लंबित कामों को दूर करने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान एक अगस्त से पंद्रह अगस्त तक संचालित होगा।
इस अभियान के तहत ड्राइविंग लाइसेंस, परमिट और रजिस्ट्रेशन जैसी समस्याओं पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
उपायुक्त किरण शर्मा ने जानकारी दी कि आरटीओ इस अभियान को कार्यालय स्तर पर या शिविर लगाकर संचालित करेंगे। परिवहन विभाग की अधिकतर सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं, और इनमें दस्तावेज़ों की कमी से लेकर छोटी या बड़ी समस्याओं का निराकरण अधिकारी करेंगे।
सभी जिलों से आवेदनों का डेटा भी मांगा गया है, और कई जिलों से यह डेटा मिलना शुरू हो गया है।
ऑनलाइन सेवाएं और चुनौतियाँ
परिवहन विभाग ने वाहन रजिस्ट्रेशन, टैक्सेशन, परमिट, फिटनेस, लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस, ड्राइविंग लाइसेंस, डीलर पॉइंट रजिस्ट्रेशन, ट्रेड सर्टिफिकेट, प्रदूषण जांच केंद्र आवेदन, मोटर ड्राइविंग स्कूल और ऑल इंडिया परमिट जैसी अनेक सेवाएं ऑनलाइन कर दी हैं।
हालांकि, इन ऑनलाइन सेवाओं से संबंधित कोई भी क्वेरी आने पर वाहन स्वामी को कार्यालय बुलाया जाता है, जिससे उन्हें असुविधा होती है।
दलाल तंत्र की समस्या
चेक पोस्ट से लेकर आरटीओ कार्यालयों तक सक्रिय दलाल तंत्र भी जनता के लिए परेशानी का एक प्रमुख कारण बना हुआ है। दफ्तर के बाहर छोटी-छोटी टेबल लगाकर बैठे एजेंट अस्थायी लाइसेंस के बदले एक हज़ार रुपये और स्थायी लाइसेंस के लिए तीन हज़ार रुपये तक वसूलते हैं।
अन्य घटना
भोपाल में पालतू कुत्ते को टहला रही एक युवती से स्कूटी सवार ने छेड़छाड़ की, जिसकी लिखित शिकायत के बाद भी पुलिस ने प्राथमिकी (FIR) दर्ज नहीं की।

