बुलंद सोच, इंदौर।
सत्यसाई चौराहे पर फ्लायओवर निर्माण को शुरू हुए ढाई साल से अधिक का समय बीत चुका है और आम लोग अब भी इस परियोजना के पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं। निर्माण एजेंसी द्वारा यहां कई बार प्रोजेक्ट हेड बदले जा चुके हैं, और लगातार संसाधनों की कमी की बात भी सामने आती रही है। बारिश का मौसम आते ही इस साल भी सर्विस रोड और डायवर्शन के कारण लाखों वाहन चालकों को प्रतिदिन भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
एमपीआरडीसी द्वारा सत्यसाई चौराहे पर बनाए जा रहे इस छह लेन के फ्लायओवर का वर्क ऑर्डर 15 मार्च 2024 को जारी किया गया था। इस परियोजना को 62 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाना है और इसका काम मार्च 2026 तक पूरा किया जाना निर्धारित था। हालांकि, निर्धारित समय सीमा को लगभग चार महीने बीत चुके हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर अभी भी काफी काम बाकी है।
पिछले साल फरवरी में लोक निर्माण विभाग के मंत्री राकेश सिंह ने रेसीडेंसी कार्यालय में मौजूदा विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की थी। इस बैठक में एमपीआरडीसी की ओर से नारायण दास कंपनी द्वारा आईटी पार्क चौराहे और सत्यसाई चौराहे पर निर्माण कार्यों की पूर्णता को लेकर गलत आंकड़े प्रस्तुत किए गए थे। सत्यसाई चौराहे के निर्माण की प्रगति 36 प्रतिशत बताई गई थी, जबकि वास्तविकता में इसकी प्रगति केवल 8 प्रतिशत के आसपास थी।
इस गंभीर लापरवाही के बाद मंत्री राकेश सिंह ने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई थी और काम में तेजी लाने के निर्देश दिए थे। मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा था कि लेटलतीफी के कारण आम जनता को प्रतिदिन भारी परेशानी उठानी पड़ रही है और इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
एमपीआरडीसी सेतु बंधन परियोजना के जनरल मैनेजर गिरिजेश शर्मा के अनुसार, सत्यसाई फ्लायओवर के निर्माण के शुरुआती दौर में कई तरह की तकनीकी और प्रशासनिक समस्याएं सामने आई थीं।
सबसे पहले, बीआरटीएस बस स्टॉप को हटाने को लेकर पेचीदगियां थीं। इसके बाद, डिजाइन में कुछ गंभीर खामियां सामने आईं, जिसके चलते फ्लायओवर का डिजाइन दोबारा तैयार करवाना पड़ा। निर्माण एजेंसी के स्टाफ को लेकर भी कुछ दिक्कतें लगातार बनी हुई थीं।
हालांकि, अब ये सभी मामले पूरी तरह से सुलझा लिए गए हैं। विभाग का दावा है कि लंबे समय से तेजी के साथ काम किया जा रहा है और अधिकांश निर्माण कार्य पूरा भी हो चुका है। इसलिए, जल्द ही यह फ्लायओवर आम जनता के आवागमन के लिए शुरू कर दिया जाएगा।

