बुलंद सोच, भोपाल।

मप्र के निजी हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों की मान्यता संबंधी नियमों में राज्य सरकार ने संशोधन किए हैं।
अब फर्जी दस्तावेज या गलत जानकारी देकर मान्यता प्राप्त करने वाले निजी स्कूलों पर 2 लाख तक का जुर्माना लगाया जाएगा और उनकी मान्यता भी निरस्त कर दी जाएगी।
वहीं शिक्षकों को बायोमैट्रिक अटेंडेंस लगाना भी जरूरी होगा।
नए नियमों में यदि किसी स्कूल में पर्याप्त बुनियादी ढांचा और सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध है, तो उसे दो पालियों में संचालित करने की अनुमति होगी।
कक्षा 9वीं और 10वीं (हाईस्कूल) के लिए कंपोजिट साइंस लैब तथा कक्षा 11वीं और 12वीं (हायर सेकेंडरी) के लिए फिजिक्स, केमेस्ट्री और बायोलॉजी की अलग-अलग प्रयोगशालाएं अनिवार्य होंगी।
इन नए नियमों को लागू करने संबंधी अधिसूचना जारी कर दी गई है।
मान्यता के लिए सालभर आवेदन कर सकेंगे।
प्रत्येक अपील के लिए ₹5,000 शुल्क जमा करना होगा।

