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2026-07-25

सुप्रीम कोर्ट ने सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द की, तीन सप्ताह में आत्मसमर्पण का आदेश

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, इंदौर।

सर्वोच्च न्यायालय ने गुरुवार को सोनम रघुवंशी की जमानत याचिका पर फैसला सुनाया, जिसे अपने पति को हनीमून के बहाने शिलांग ले जाकर हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। न्यायालय ने सोनम की जमानत रद्द कर दी है और उसे तीन सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया है। सोनम पिछले 84 दिनों से जमानत पर जेल से बाहर थी।

मामले की पृष्ठभूमि

मध्य प्रदेश के इंदौर की रहने वाली सोनम को जून 2025 में अपने व्यवसायी पति राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया था। यह दंपती पिछले साल 23 मई को मेघालय के सोहरा इलाके में हनीमून के दौरान लापता हो गया था। इसके बाद 2 जून 2025 को राजा का शव एक गहरी खाई में मिला था।

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गिरफ्तारी और अदालती प्रक्रिया

पुलिस ने सोनम को पिछले साल गाजीपुर के एक ढाबे से गिरफ्तार किया था। इस मामले में उसके प्रेमी राज कुशवाह और उसके तीन साथी इंदौर से गिरफ्तार हुए थे। पुलिस के अनुसार, राजा की हत्या के बाद सोनम इंदौर लौट आई थी और एक किराए के फ्लैट में छिपकर रह रही थी। निचली अदालत ने 27 अप्रैल को उसे जमानत दे दी थी। जमानत रद्द कराने के लिए मेघालय सरकार ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी, लेकिन उच्च न्यायालय ने उसे खारिज कर दिया। इसके बाद यह मामला सर्वोच्च न्यायालय पहुंचा था।

पुलिस के आरोप

मामले की जांच कर रही पुलिस का आरोप है कि सोनम ने किराए के हत्यारों के साथ मिलकर अपने पति की हत्या की साजिश रची थी। पुलिस के अनुसार, तीन युवकों ने सोनम के कहने पर चाकू से राजा पर हमला किया था और बाद में सोनम ने शव को खाई में फेंकने में उनकी मदद की थी। पुलिस को शिलांग में सोनम की जैकेट भी मिली थी, जिस पर खून के निशान पाए गए थे।

हाईकोर्ट द्वारा जमानत का आधार

उच्च न्यायालय ने सोनम रघुवंशी की जमानत इस आधार पर बरकरार रखी थी कि पुलिस गिरफ्तारी के उचित लिखित आधार देने में विफल रही थी। गिरफ्तारी मेमो में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) (हत्या) के बजाय गलती से धारा 403 दर्ज कर दी गई थी। उच्च न्यायालय ने इसे जांच में न्यायिक विवेक का अभाव माना था। हालांकि, सर्वोच्च न्यायालय ने सभी पक्षों की सुनवाई के बाद अब सोनम की जमानत रद्द कर दी है।

पीड़ित परिवार की प्रतिक्रिया

न्यायालय के फैसले पर राजा रघुवंशी के भाई विपिन का कहना है कि उन्हें देश की कानून व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि सच यही है कि सोनम ने राजा की हत्या की। विपिन ने बताया कि सच देर से साबित हुआ, लेकिन अब सोनम को कड़ी सजा मिलने से कोई नहीं रोक सकता। विपिन ने यह भी कहा कि सोनम ने शुरू से ही हत्या के मामले में झूठ बोला था, लेकिन वह इस वारदात में शामिल थी और इसके पुख्ता सबूत पुलिस के पास हैं। उन्होंने कहा कि उनका परिवार इस मामले में न्यायालय की हर संभव मदद के लिए तैयार है और जब भी अदालत गवाही के लिए बुलाएगी, वे पेश होने के लिए तैयार रहेंगे। पिछली सुनवाई में सर्वोच्च न्यायालय ने इस मामले पर सवाल उठाए थे और सोनम रघुवंशी को अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण कर मुकदमे का सामना करने का सुझाव दिया था।