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2026-08-14

तमिलनाडु सीएम विजय ने विधानसभा में परिसीमन के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया, लोकसभा सीटें 543 बरकरार रखने की मांग

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, चेन्नई।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने बुधवार को विधानसभा में एक विशेष प्रस्ताव पेश किया। यह प्रस्ताव ऐसे किसी भी परिसीमन का विरोध करता है, जिससे संसद में राज्य का मौजूदा प्रतिनिधित्व कम हो सकता है। इसमें केंद्र से लोकसभा की कुल सीटों की संख्या 543 पर बरकरार रखने का आग्रह किया जाएगा।

यह प्रस्ताव 8 अगस्त को चेन्नई में मुख्यमंत्री विजय की अध्यक्षता में हुई सांसदों की एक परामर्श बैठक के कुछ दिनों बाद लाया गया है। बैठक में परिसीमन से तमिलनाडु और अन्य दक्षिणी राज्यों पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों पर चर्चा हुई थी। इसमें लोकसभा की कुल सीटों की संख्या 543 पर स्थिर रखने और राज्यों के बीच मौजूदा संसदीय सीटों के हिस्से को सुरक्षित रखने के लिए केंद्र पर दबाव बनाने का निर्णय लिया गया था।

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मुख्यमंत्री विजय का बयान और सीटों की मांग

प्रस्ताव पेश करने के बाद विधानसभा में बोलते हुए मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण 2029 के लोकसभा चुनाव में लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि लोकसभा की सीटें 543 ही रहनी चाहिए और महिलाओं के आरक्षण में देरी नहीं करनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने बताया कि तमिलनाडु में पुरुषों से ज्यादा महिलाओं ने मतदान किया है और महिलाओं को आरक्षण देना उन पर कोई अहसान नहीं, बल्कि यह सामाजिक न्याय की बात है।

प्रस्ताव में कहा गया है कि कई दशकों से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच लोकसभा और विधानसभा सीटों का आवंटन 1971 की जनगणना से जुड़ा रहा है। इस प्रस्ताव में अप्रैल 2026 में संसद में विफल हुए एक संविधान संशोधन विधेयक का भी जिक्र किया गया है। इस विधेयक में परिसीमन पर लंबे समय से लागू रोक खत्म करने, 2011 की जनगणना के आधार पर नए सिरे से परिसीमन कराने और लोकसभा की सदस्य संख्या में बड़ी वृद्धि का प्रस्ताव था।

प्रस्ताव में उन खबरों पर चिंता जताई गई है, जिनमें कहा गया है कि ऐसा ही कोई संविधान संशोधन दोबारा संसद में लाया जा सकता है। इसमें कहा गया है कि 1971 के बाद दर्ज की गई जनसंख्या के आंकड़ों के आधार पर सीटों का पुनर्वितरण तमिलनाडु और अन्य दक्षिणी राज्यों के संसदीय प्रतिनिधित्व पर विपरीत असर डाल सकता है। इन राज्यों ने जनसंख्या नियंत्रण के क्षेत्र में अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया है।

प्रस्ताव में कहा गया है कि जिन राज्यों ने केंद्र सरकार द्वारा प्रोत्साहित जनसंख्या नियंत्रण कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से लागू किया और साथ ही आर्थिक विकास, स्वास्थ्य सेवाओं तथा कल्याण के संकेतकों में सुधार किया, उन्हें परिसीमन के जरिए नुकसान नहीं पहुंचाया जाना चाहिए।

प्रस्ताव में केंद्र से लोकसभा की कुल सदस्य संख्या स्थायी रूप से 543 पर बनाए रखने और राज्यों के बीच सीटों के मौजूदा आवंटन को फ्रीज करने का आग्रह किया जाएगा। इसका उद्देश्य राज्यों का वर्तमान आनुपातिक प्रतिनिधित्व बनाए रखना है। इसके अलावा, प्रस्ताव में लोकसभा और राज्यसभा में प्रतिनिधित्व के मौजूदा अनुपात को बनाए रखने की मांग की गई है। साथ ही, मौजूदा 543 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों के आधार पर 2029 के लोकसभा चुनाव में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने का आग्रह किया गया है।