बुलंद सोच, टीकमगढ़।
सरकार शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और सरकारी स्कूलों में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने का दावा करती है। इसके बावजूद, टीकमगढ़ जिले के 110 शासकीय स्कूल आज भी बिजली जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित हैं। इन स्कूलों में बिजली कनेक्शन के लिए वर्ष 2025 में शासन द्वारा 56 लाख 67 हजार रुपये बिजली विभाग को उपलब्ध कराए जा चुके हैं। हालांकि, महीनों बीत जाने के बाद भी इन स्कूलों में बिजली नहीं पहुंच सकी है।
छात्रों की पढ़ाई पर असर
इन स्कूलों में पढ़ने वाले हजारों बच्चे आज भी अंधेरे कमरों में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। बरसात के दिनों में आसमान में बादल छाने पर कक्षाओं में अंधेरा छा जाता है और ब्लैकबोर्ड तक साफ दिखाई नहीं देता। कई बार शिक्षकों को बच्चों को दरवाजे या खिड़की के पास बैठाकर पढ़ाने को मजबूर होना पड़ता है। बिजली नहीं होने से गर्मी के मौसम में पंखे नहीं चल पाते, वहीं डिजिटल शिक्षा और आधुनिक तकनीक से जुड़ने का सपना भी अधूरा है।
अधिकारियों का पक्ष
शिक्षकों का कहना है कि बिजली कनेक्शन के लिए कई बार विभागों को पत्र लिखे गए, लेकिन अब तक मामला कागजी कार्रवाई और विभागीय प्रक्रिया में ही अटका हुआ है। जिला परियोजना समन्वयक आरपी त्रिपाठी ने बताया कि समस्या को गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि बिजली विभाग को हाल ही में फिर पत्र भेजा गया है और जल्द समाधान का प्रयास किया जा रहा है। दूसरी ओर, बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता अजमेर सिंह ने जानकारी दी कि फंड ट्रांसफर से जुड़ी कुछ तकनीकी दिक्कतों के कारण प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। उन्होंने स्वीकार किया कि जिले के 110 स्कूलों में बिजली कनेक्शन होना बाकी है और संबंधित फाइल विभाग में लंबित है।

