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2026-07-23

उज्जैन नगर निगम परिषद में टीडीआर मॉडल मंजूर, हुडको से 200 करोड़ ऋण को भी सहमति

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, उज्जैन।

उज्जैन नगर निगम परिषद का विशेष सम्मेलन मंगलवार को सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक और हंगामे के बीच संपन्न हुआ। विपक्ष ने कई प्रस्तावों पर आपत्तियां दर्ज कराईं, हालांकि अध्यक्ष कलावती यादव ने सम्मेलन में प्रस्तुत सभी 26 प्रस्ताव बहुमत से पारित कर दिए। सिंहस्थ-2028 की तैयारियों, सड़क चौड़ीकरण, ठोस कचरा प्रबंधन और खेल अधोसंरचना से जुड़े फैसले इस सम्मेलन के सबसे महत्वपूर्ण निर्णय रहे। महापौर मुकेश टटवाल ने प्रस्तावों का जोरदार पक्ष रखते हुए कहा कि ये निर्णय केवल वर्तमान जरूरतों के लिए नहीं, बल्कि आने वाले दशकों के उज्जैन की आधारशिला हैं।

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टीडीआर मॉडल को मंजूरी, प्रभावितों को मिलेगा शीघ्र मुआवजा

परिषद ने ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट (टीडीआर) व्यवस्था को व्यवहारिक रूप से लागू करने का अहम निर्णय लिया। इसके तहत, परिषद ने सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित लोगों के टीडीआर की खरीद के लिए हुडको से 200 करोड़ रुपये का ऋण लेने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। नई व्यवस्था के अंतर्गत, प्रभावित नागरिक अब अपना टीडीआर केवल निजी खरीदारों पर निर्भर रहकर नहीं, बल्कि नगर निगम, उज्जैन विकास प्राधिकरण, मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड सहित अन्य शासकीय एजेंसियों को भी बेच सकेंगे। इस कदम से वर्षों से लंबित मुआवजा मिलने की प्रक्रिया तेज होगी। महापौर टटवाल ने बताया कि अब तक टीडीआर मिलने के बाद लोग खरीदार तलाशते रह जाते थे और अधिकांश प्रभावितों के पास अतिरिक्त जमीन न होने के कारण वे इसका उपयोग भी नहीं कर पाते थे। उन्होंने कहा कि यह नई व्यवस्था प्रभावितों को समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा कदम है और इससे सिंहस्थ-2028 के सड़क चौड़ीकरण कार्य भी तेजी से आगे बढ़ सकेंगे। ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट (टीडीआर) एक विकास अधिकार है, जो सड़क चौड़ीकरण या किसी सार्वजनिक परियोजना में आंशिक रूप से प्रभावित संपत्ति के बदले दिया जाता है। इसका उपयोग दूसरी जमीन पर अतिरिक्त निर्माण के लिए किया जा सकता है अथवा इसे किसी अन्य व्यक्ति या संस्था को बेचा जा सकता है। नई व्यवस्था के बाद प्रभावितों को खरीदार तलाशने की परेशानी नहीं होगी और वे अपना टीडीआर सीधे शासकीय एजेंसियों को बेचकर नकद राशि प्राप्त कर सकेंगे।

आधुनिक बायो-सीबीजी प्लांट की स्थापना

परिषद ने शहर के ठोस कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन के लिए 320 टन प्रतिदिन क्षमता वाले एकीकृत कचरा प्रसंस्करण संयंत्र की निविदा आमंत्रित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। एमआर-5 रोड स्थित नगर निगम की भूमि पर सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत बनने वाली इस परियोजना में 175 टीपीडी क्षमता का बायो-सीबीजी प्लांट तथा 145 टीपीडी क्षमता का मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) प्लांट स्थापित होगा। शासन ने परियोजना के लिए 40.14 करोड़ रुपये की सहायता स्वीकृत की है। इस संयंत्र में गीले कचरे से कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) तैयार होगी, जिसका उपयोग वाहनों और उद्योगों में ईंधन के रूप में किया जा सकेगा। वहीं सूखे कचरे का वैज्ञानिक पृथक्करण कर पुनर्चक्रण उद्योगों को भेजा जाएगा। इस परियोजना से लैंडफिल में जाने वाले कचरे में कमी आएगी, कार्बन उत्सर्जन घटेगा और नगर निगम को भविष्य में कार्बन क्रेडिट अर्जित करने का अवसर भी मिलेगा।

स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स खेल विभाग को हस्तांतरित, तैराकी अकादमी का मार्ग प्रशस्त

परिषद ने आगर रोड स्थित नगर निगम मुख्यालय के पीछे बने लगभग 28 करोड़ रुपये लागत के अटल स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स सह क्लब हाउस को खेल एवं युवा कल्याण विभाग को हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी। इसके बाद जिला खेल अधिकारी की ओर से यहां मध्यप्रदेश की दूसरी तैराकी अकादमी शुरू करने का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। साथ ही परिसर में 200 सीटर छात्रावास विकसित करने की योजना भी प्रस्तावित है। स्वीकृति मिलने पर मालवा-निमाड़ के खिलाड़ियों को भोपाल के बजाय उज्जैन में ही उच्चस्तरीय प्रशिक्षण उपलब्ध हो सकेगा। इस मामले में निगम अध्यक्ष कलावती यादव का कहना है कि अकादमी में तैराकी के साथ अन्य खेलों का प्रशिक्षण भी खिलाड़ी पाएंगे।

अन्य स्वीकृत प्रस्ताव

सम्मेलन में पुराने जर्जर शौचालयों को हटाकर नए आधुनिक शौचालय बनाने का प्रस्ताव भी स्वीकृत हुआ। गदापुलिया-जयसिंहपुरा-लालपुल (भगतसिंह मार्ग) सहित विभिन्न मार्गों के चौड़ीकरण से प्रभावित भवन मालिकों को मुआवजा देने और देवास रोड स्थित तरणताल (स्वीमिंग पूल) का संचालन ठेका पद्धति से कराने के प्रस्तावों को भी मंजूरी मिली।

विपक्ष का विरोध और अध्यक्ष के निर्देश

नेता प्रतिपक्ष रवि राय ने 200 करोड़ रुपये के ऋण, परिषद की मंजूरी से पहले सीबीजी प्लांट और स्विमिंग पूल के टेंडर जारी करने तथा निगम की संपत्तियां दूसरे विभागों को सौंपने का विरोध किया। इस पर निगम अध्यक्ष ने आयुक्त अभिलाष मिश्रा को निर्देश दिए कि टेंडर आमंत्रित करने के बाद ‘टेंडर आमंत्रित करने का प्रस्ताव’ सदन में न लाए। उन्होंने कार्य नीतिगत करने के निर्देश दिए।

सम्मेलन से पूर्व कांग्रेस का प्रदर्शन

सम्मेलन से पहले कांग्रेस ने नगर निगम मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं ने गंदे पानी, उखड़ी सड़कों और सफाई व्यवस्था को लेकर भाजपा बोर्ड तथा नगर निगम के अधिकारियों को घेरा। इस दौरान अपर आयुक्त संतोष टैगौर को ज्ञापन सौंपा गया। शहर अध्यक्ष अशोक भाटी सहित कई नेता-कार्यकर्ता इस प्रदर्शन में उपस्थित थे।

अधूरी सड़क चौड़ीकरण परियोजनाएं

बरसात सिर पर होने के बावजूद उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण परियोजनाएं अब भी अधूरी हैं, जिससे आने वाले समय में परेशानी बढ़ने की आशंका है।