बुलंद सोच, उज्जैन।

उज्जैन रेलवे स्टेशन पर चार महत्वपूर्ण ट्रेनों के प्लेटफॉर्म बदलने संबंधी रेलवे का निर्णय एक दिन के भीतर ही बदल दिया गया। रेलवे ने सोमवार को इन ट्रेनों के प्लेटफॉर्म बदलने का आदेश जारी किया था, जिसमें मंगलवार से नए प्लेटफॉर्म से संचालन की जानकारी दी गई थी। हालांकि, मंगलवार को रेलवे ने इसी आदेश को निरस्त कर दिया।
सोमवार को जारी आदेश के अनुसार, 20911 इंदौर-नागपुर वंदे भारत एक्सप्रेस को प्लेटफॉर्म नंबर एक से संचालित किया जाना था। वहीं, 12961 मुंबई सेंट्रल-इंदौर एक्सप्रेस, 12416 नई दिल्ली-इंदौर एक्सप्रेस और 20156 नई दिल्ली-डॉ. अंबेडकर नगर एक्सप्रेस को प्लेटफॉर्म नंबर दो से संचालित करने की सूचना दी गई थी। अब रेलवे ने उक्त प्लेटफॉर्म परिवर्तन संबंधी आदेश को निरस्त कर दिया है।
रेलवे के इस फैसले से यात्रियों को प्लेटफॉर्म बदलाव की सूचना मिलने के बाद दोबारा स्थिति स्पष्ट करनी पड़ी।
प्लेटफॉर्म नंबर दो पर यात्री सुविधाओं की कमी
उज्जैन रेलवे स्टेशन पर महत्वपूर्ण ट्रेनों का संचालन प्लेटफॉर्म नंबर दो से किया जा रहा है, लेकिन इसी प्लेटफॉर्म के नागदा साइड पर यात्रियों के लिए आवश्यक सुविधाओं की कमी है।
मुंबई-इंदौर 12961 अवंतिका एक्सप्रेस, 12416 नई दिल्ली-इंदौर इंटरसिटी एक्सप्रेस और 20156 नई दिल्ली-आंबेडकर नगर एक्सप्रेस जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनों का संचालन प्लेटफॉर्म नंबर दो से किया जा रहा है।
बारिश के मौसम में यात्रियों को खड़े होने के लिए पर्याप्त कवर्ड शेड उपलब्ध नहीं है। प्लेटफॉर्म के नागदा साइड पर पर्याप्त कवर्ड शेड नहीं होने के कारण वर्षा के दौरान यात्रियों को परेशानी होती है। ट्रेन का इंतजार करने वाले यात्रियों को बारिश से बचने के लिए इधर-उधर खड़ा होना पड़ता है। ट्रेन आने के समय भीड़ बढ़ने पर स्थिति और खराब हो जाती है।
पेयजल, बैठक व्यवस्था और पर्याप्त रोशनी की कमी भी यात्रियों की परेशानी बढ़ा रही है। इस हिस्से में पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था नहीं है। यात्रियों के बैठने के लिए भी पर्याप्त कुर्सियां उपलब्ध नहीं हैं। चाय-नाश्ता और अन्य जरूरी सामग्री के लिए उचित स्टॉल नहीं होने से यात्रियों को दूसरे हिस्से की ओर जाना पड़ता है।
रात में प्लेटफॉर्म नंबर दो के नागदा साइड पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था नहीं होने से रात के समय यात्रियों को परेशानी होती है। स्टेशन पर चल रहे निर्माण कार्यों के कारण बाहर निकलने का रास्ता भी अपेक्षाकृत संकरा हो गया है। ऐसे में ट्रेन आने-जाने के समय यात्रियों की भीड़ में असुविधा और बढ़ जाती है।
ऐसे में सबसे ज्यादा दिक्कत बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और सामान लेकर यात्रा करने वाले यात्रियों को हो रही है।
सिंहस्थ से पहले इंतजाम जरूरी
रतलाम मंडल रेल उपभोक्ता सलाहकार समिति के सदस्य राजेश शर्मा ने कहा कि उज्जैन धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्टेशन है। सिंहस्थ-2028 में यहां यात्रियों और श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ने की संभावना है।
राजेश शर्मा ने रेलवे प्रशासन से प्लेटफॉर्म नंबर दो के नागदा साइड पर कवर्ड शेड बढ़ाने, पर्याप्त पेयजल और बैठक व्यवस्था करने, कोच पोजीशन की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराने, यात्री सुविधाओं से संबंधित स्टॉल शुरू करने तथा पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था करने की मांग की है।

