बुलंद सोच,।
गुजरात की मांजलपुर विधानसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी सतेंद्रभाई पटेल कांग्रेस पर बड़ी बढ़त बनाए हुए हैं। उन्हें अब तक 12941 वोट मिले हैं, जबकि कांग्रेस के भीखाभाई रबारी को 4568 वोट प्राप्त हुए हैं।
बिहार की बांकीपुर सीट के शुरुआती रुझानों में प्रशांत किशोर 2225 वोटों के साथ सबसे आगे चल रहे हैं। भाजपा के नीरज कुमार को अब तक 1363 वोट मिले हैं, वहीं राजद की प्रत्याशी रेखा कुमारी को 505 वोट प्राप्त हुए हैं।
मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट के उपचुनाव में पहले राउंड की मतगणना के बाद भाजपा 909 वोटों से आगे है। पहले राउंड में भाजपा को 4441 वोट, कांग्रेस को 3532 वोट और आजाद समाज पार्टी को 2117 वोट मिले हैं।
मांजलपुर सीट पर पहले राउंड की गिनती पूरी होने पर भाजपा के सतेंद्रभाई पटेल को 3178 वोट प्राप्त हुए थे। कांग्रेस के भीखाभाई रबारी को 1538 मत मिले, जबकि नोटा विकल्प पर 144 लोगों ने मतदान किया।
बांकीपुर, दतिया और मांजलपुर विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की मतगणना सुबह 8 बजे से पोस्टल बैलेट की गिनती के साथ शुरू हुई थी।
सीटों का चुनावी इतिहास
गुजरात के वडोदरा जिले के अंतर्गत आने वाली मांजलपुर सीट 2008 में परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई थी और इस पर हमेशा से भाजपा का दबदबा रहा है। भाजपा के दिवंगत नेता योगेश पटेल ने 2012, 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में यहां से लगातार जीत दर्ज की थी। इससे पहले वे 1990 से 2007 के बीच अविभाजित रावपुरा विधानसभा सीट से पांच बार जीते थे, जिससे उन्होंने गुजरात विधानसभा में 36 वर्षों के दौरान लगातार आठ बार जीत हासिल करने का रिकॉर्ड बनाया। 2022 के विधानसभा चुनाव में उनके पक्ष में क्षेत्र के कुल मतदान का तीन-चौथाई (75%) वोट पड़ा था और उनकी जीत का अंतर एक लाख वोटों से अधिक था। वर्तमान में मांजलपुर सीट पर भाजपा के सतीश पटेल और कांग्रेस के भीखाभाई रबारी के बीच मुख्य मुकाबला है।
मध्य प्रदेश की दतिया सीट पर पिछले चार विधानसभा चुनावों के नतीजों के अनुसार, 2008 से 2018 तक भाजपा ने लगातार तीन बार जीत दर्ज की थी, हालांकि हर चुनाव के साथ कांग्रेस का वोट प्रतिशत बढ़ता गया। 2018 में मुकाबला बेहद कांटे का रहा और 2023 में कांग्रेस ने भाजपा का 15 साल पुराना विजय अभियान रोक दिया था। 2023 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर कांग्रेस के उम्मीदवार राजेंद्र भारती ने भाजपा के पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को 7,500 से अधिक मतों से हराया था। वर्तमान उपचुनाव में भाजपा के आशुतोष तिवारी, कांग्रेस के घनश्याम सिंह और किन्नर संजना सहित कुल 21 प्रत्याशी मैदान में हैं।
बिहार की बांकीपुर सीट भारतीय जनता पार्टी का मजबूत गढ़ मानी जाती है, जहां से भाजपा के मौजूदा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन पांच बार विधायक चुने जा चुके हैं। 2025 के विधानसभा चुनाव में नितिन नवीन ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की उम्मीदवार रेखा गुप्ता को 50,000 से भी अधिक वोटों के भारी अंतर से हराया था, जिससे उन्हें राजद प्रत्याशी के मुकाबले करीब दोगुने वोट मिले थे।
उपचुनाव के कारण और मतदान प्रतिशत
बिहार की बांकीपुर सीट पर उपचुनाव विधायक नितिन नवीन के अप्रैल में राज्यसभा के लिए चुने जाने के कारण हुआ था, जिससे यह सीट खाली हो गई थी। मध्य प्रदेश की दतिया सीट पर उपचुनाव कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को धोखाधड़ी के एक मामले में दिल्ली की एक अदालत द्वारा तीन साल की जेल की सजा सुनाए जाने के बाद अप्रैल में उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त होने के कारण आवश्यक हो गया था। गुजरात की मांजलपुर सीट पर उपचुनाव भाजपा के आठ बार के विधायक और पूर्व मंत्री योगेश पटेल के 2 जून को लंबी बीमारी के बाद निधन के कारण हुआ।
मध्य प्रदेश की दतिया सीट पर सबसे ज्यादा 71.42 प्रतिशत मतदान हुआ था, जबकि बिहार की बांकीपुर सीट पर कुल 34.16% मतदान दर्ज किया गया। गुजरात के मांजलपुर में उपचुनाव में 37.50% मतदान हुआ था। दतिया से राज्य के पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा भी टिकट के दावेदार थे, हालांकि भाजपा ने उनकी जगह आशुतोष तिवारी को टिकट दिया था। बांकीपुर को भाजपा का गढ़ कहा जाता है, और जन सुराज पार्टी के प्रशांत किशोर के चुनावी मैदान में उतरने के बावजूद यहां वोटिंग प्रतिशत में कोई खास उछाल देखने को नहीं मिला।

