बुलंद सोच, भोपाल।

प्रदेशभर के बीएड कॉलेजों में सत्र 2026-27 के लिए ऑनलाइन काउंसलिंग के माध्यम से दाखिले की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इस पारदर्शी मानी जाने वाली व्यवस्था में ‘मार्क्स माफिया’ द्वारा सेंध लगाए जाने का मामला सामने आया है।
फर्जीवाड़े के इस खेल में, कम अंक वाले 11 अभ्यर्थियों के नंबर ऑनलाइन आवेदन में 25-30% तक बढ़ा दिए गए। उदाहरण के तौर पर, 54% अंकों को 83% में बदल दिया गया, जिससे वे मेरिट सूची में शीर्ष पर आ गए।
छात्रों ने बताया कि दलाल इन फर्जी प्रवेशों के लिए अभ्यर्थियों से 70 हजार रुपये की जगह एक लाख रुपये फीस वसूल रहे थे।
पूरे प्रदेश में संचालित बीएड और एमएड कॉलेजों में एनसीटीई कोर्स की कुल 62,660 सीटें हैं, जिनमें इस साल प्रवेश हुए हैं। सामने आए 11 फर्जी प्रवेश सीट आवंटन और फीस जमा कराने के स्तर तक पहुंच गए थे।
यह धोखाधड़ी ऑनलाइन प्रक्रिया, शिक्षक सत्यापन और हेल्प सेंटर की तीन परत की जांच को धता बताते हुए की गई।
प्रेस्टन कॉलेज के संचालक प्रबोध त्रिपाठी का कहना है कि फर्जीवाड़ा सामने आते ही उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग को इन छात्रों का एडमिशन निरस्त करने का प्रस्ताव भेज दिया था।

