बुलंद सोच,।
मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित भोजशाला की मां वाग्देवी (सरस्वती) की प्रतिमा को लंदन से भारत वापस लाने के लिए केंद्र सरकार राजनयिक स्तर पर प्रयास कर रही है। केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल ने मंगलवार को यह जानकारी प्रदान की।
विवेक अग्रवाल ने बताया कि लगभग एक वर्ष पहले मध्य प्रदेश के संस्कृति सचिव शिव शेखर शुक्ला ने इस संबंध में केंद्र सरकार को एक पत्र लिखा था। इसके बाद से, प्रतिमा को लंदन के संग्रहालय से वापस लाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि लंदन में भी यह स्वीकार किया गया है कि मां वाग्देवी की प्रतिमा धार से ले जाई गई थी। हालांकि, इसकी वापसी भारत और ब्रिटेन के बीच होने वाले राजनयिक प्रयासों की सफलता पर निर्भर करेगी।
अग्रवाल ने यह भी कहा कि भारत की ओर से प्रयासों में कोई कमी नहीं है और प्रतिमा की पहचान को लेकर भी कोई विवाद नहीं है। उन्होंने बताया कि जहाँ यह प्रतिमा रखी गई है, वहाँ भी यह दर्ज है कि इसे धार से ले जाया गया था। अब इसकी वापसी राजनयिक संबंधों और दोनों देशों के बीच होने वाले प्रयासों पर निर्भर करेगी।
भोजशाला पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का फैसला
गौरतलब है कि मई माह में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अपने ऐतिहासिक फैसले में धार स्थित विवादित भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद परिसर को मां सरस्वती का मंदिर माना था।
अदालत ने यह भी कहा था कि इस स्थल पर हिंदू समुदाय की पूजा-अर्चना की परंपरा कभी बाधित नहीं हुई।
हाईकोर्ट ने हिंदू पक्ष की विशेष पूजा-अर्चना की मांग स्वीकार करते हुए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के 7 अप्रैल 2003 के उस आदेश को भी निरस्त कर दिया था, जिसके तहत मुस्लिम समुदाय को प्रत्येक शुक्रवार नमाज अदा करने की अनुमति दी गई थी।
अदालत ने यह फैसला पुरातात्विक और ऐतिहासिक तथ्यों, एएसआई की अधिसूचनाओं, वैज्ञानिक सर्वेक्षण और कानूनी प्रावधानों के आधार पर दायर पाँच याचिकाओं और एक रिट अपील पर सुनवाई के बाद सुनाया था।
भोजशाला मामले में फैसला आने के बाद हिंदू पक्ष ने मां वाग्देवी की प्रतिमा को लंदन से वापस लाने की मांग तेज कर दी थी। उनका कहना था कि यह प्रतिमा भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

