बुलंद सोच, भोपाल।
सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की उस याचिका पर सुनवाई करने पर सहमति जताई है, जिसमें कहा गया है कि मध्य प्रदेश सरकार द्वारा नमाज के लिए तय की गई दूसरी जगह धार स्थित विवादित भोजशाला परिसर से काफी दूर है। चीफ जस्टिस (सीजेआई) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहन की पीठ ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से मध्य प्रदेश सरकार से यह जानकारी लेने को कहा कि क्या विवादित परिसर के पास नमाज के लिए दूसरी जगह उपलब्ध कराई जा सकती है।
मुस्लिम पक्ष की ओर से पेश वरिष्ठ वकील हुजेफा अहमदी ने पीठ को बताया कि अदालत ने राज्य सरकार को भोजशाला के पास नमाज के लिए खुली जगह देने का निर्देश दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने जो जमीन तय की है, वह लगभग दो किलोमीटर दूर है। अहमदी ने यह भी कहा कि अदालत का आदेश जमीन भोजशाला के पास होने का था और शुक्रवार की नमाज के लिए दी गई जमीन दो किलोमीटर दूर है, जिसके कारण वे पहले ही शुक्रवार की नमाज नहीं पढ़ पाए हैं।
मध्य प्रदेश सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ को बताया कि नमाज के लिए तय की गई दूसरी जगह विवादित परिसर से लगभग 900 मीटर दूर है। उन्होंने पीठ को आश्वासन दिया कि वह स्वयं इस मामले को देखेंगे और आवश्यकता पड़ने पर उचित कदम उठाएंगे। मेहता ने कहा कि वह खुद इस मामले को देखेंगे और जरूरत पड़ी तो इसे ठीक करूंगा।
जस्टिस बागची ने कहा कि अदालत के पहले दिए गए आदेश का ‘शब्दशः और पूरी भावना के साथ’ पालन होना चाहिए। पीठ ने मामले को शुक्रवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने पर सहमति व्यक्त की और सॉलिसिटर जनरल को निर्देश दिया कि वह नमाज के लिए विवादित परिसर के पास जगह उपलब्ध कराने के संबंध में राज्य सरकार से निर्देश लेकर आएं।
