बुलंद सोच, भोपाल।
10 दिन के ट्रायल के बाद गुरुवार से राजधानी में नई एयर कंडीशनंड इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू हो गया। पहले दिन दो रूटों पर चलीं 10 ई-बसों में 2 हजार से अधिक यात्रियों ने सफर किया। इससे भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड (बीसीएलएल) को 25 हजार रुपए से ज्यादा का राजस्व प्राप्त हुआ। फिलहाल, इन बसों का किराया लो-फ्लोर बसों के बराबर रखा गया है। पहले चरण में ये बसें भैंसाखेड़ी (चिरायु अस्पताल)-बैरागढ़ चिचली और चिरायु अस्पताल-रेलवे कोच फैक्ट्री रूट पर संचालित की जा रही हैं।
बसों की उपलब्धता
भोपाल को पहले चरण में कुल 100 इलेक्ट्रिक बसें मिलनी हैं। इनमें से 21 बसें अब तक बैरागढ़ डिपो पहुंच चुकी हैं।
यात्रियों का अनुभव
दोपहर करीब 2:30 बजे बोर्ड ऑफिस स्टॉप पर बिना शोर वाली बस पहुंची, जहां यात्री पहले से इंतजार कर रहे थे। एक भास्कर रिपोर्टर ने यहां से रेलवे कोच फैक्ट्री तक करीब 31 मिनट का सफर किया। बस के अंदर साफ-सुथरा माहौल और आरामदायक सीटें उपलब्ध थीं। सफर के दौरान शोर या गर्मी का अहसास नहीं हुआ, और डिस्प्ले पर स्टॉपेज प्रदर्शित हो रहे थे। बस की शांत रफ्तार इसका सबसे बड़ा बदलाव था, जिसमें डीजल बसों जैसी कंपन और तेज आवाज महसूस नहीं हुई। एसी की ठंडक ने सफर को आरामदायक बनाए रखा, और पेमेंट ऑनलाइन भी किया जा सकता था। यात्री राहुल शर्मा ने बताया कि बस में बिल्कुल भी शोर नहीं था और एसी में सफर आरामदायक रहा। सुमन गुप्ता ने कहा कि डीजल बसों की तुलना में इस बस का सफर एक अलग ही अनुभव था, और उन्होंने बसों की संख्या बढ़ने की उम्मीद जताई।

