बुलंद सोच, ग्वालियर।
ग्वालियर में सोमवार को दिन में हुई खंडवर्षा से पिछले कई दिनों से उमस झेल रहे लोगों को राहत मिली। शहर के सिटी सेंटर, माधव नगर सहित लश्कर के कुछ इलाकों में तेज बौछारें गिरीं, जबकि उपनगर ग्वालियर व मुरार में केवल बूंदाबांदी हुई। लगभग पौन घंटे तक तेज बौछारें गिरने के बावजूद थाटीपुर स्थित मौसम विज्ञान केंद्र में मात्र 2.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई। रात में भी झमाझम वर्षा हुई, जो देर रात तक जारी रही और मंगलवार सुबह तक बरसी। रात 11:30 बजे तक 11.8 एमएम वर्षा दर्ज की गई। इसके परिणामस्वरूप तीन घंटे के भीतर तापमान में 4.6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों के दौरान भी शहर में खंडवर्षा की संभावना बनी हुई है।
मानसूनी गतिविधियों का विवरण
रविवार तक मानसूनी ट्रफ अंचल के पास से गुजर रही थी, जो सोमवार को राजस्थान और दिल्ली की ओर खिसक गई। सोमवार सुबह से ही आसमान में बादलों का डेरा था, लेकिन बीच-बीच में धूप खिलने के कारण लोगों को उमस का सामना करना पड़ा। दोपहर लगभग तीन बजे से बादलों का घनत्व बढ़ने लगा और एक घंटे बाद शाम चार बजे से सिटी सेंटर, एजी पुल, माधव नगर, चेतकपुरी सहित लश्कर के इलाकों में तेज वर्षा शुरू हो गई। वर्षा का यह दौर लगभग 40 मिनट तक चला, जबकि उपनगर ग्वालियर के हिस्सों व मुरार से सटे इलाकों में सिर्फ हल्की बूंदाबांदी और बौछारें पड़कर रह गईं। वर्षा के कारण पिछले दिन के मुकाबले अधिकतम तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की गई।
तापमान और मौसमी परिस्थितियाँ
स्थानीय मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, सोमवार को अधिकतम तापमान 0.3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट के साथ 33.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.3 डिग्री सेल्सियस अधिक है। वहीं, न्यूनतम तापमान 0.7 डिग्री सेल्सियस की बढ़त के साथ 27.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.4 डिग्री सेल्सियस अधिक है। वर्तमान में मानसूनी ट्रफ बीकानेर, दिल्ली, लखनऊ, पटना से होते हुए मणिपुर तक जा रही है। उप हिमालयी पश्चिम बंगाल और दक्षिण उत्तर प्रदेश के ऊपर दो चक्रवाती घेरे बने हुए हैं। मध्य राजस्थान के ऊपर भी एक चक्रवाती घेरा मौजूद है।
शहर में जलजमाव की स्थिति
देर रात तक रुक-रुककर हो रही वर्षा के कारण शहर में कई स्थानों पर जलजमाव हो गया। लक्ष्मीबाई समाधि के सामने, आपागंज, सिंधिया कन्या विद्यालय के पास, स्टेशन पेट्रोल पंप के पास और निगम मुख्यालय से बाल भवन तक मुख्य मार्ग पर जलजमाव देखा गया। आपागंज में सड़कें पूरी तरह से तालाब में तब्दील नजर आईं। इस क्षेत्र में चार पहिया वाहनों के पहिये भी पानी में डूबे हुए दिखाई दिए।

