बुलंद सोच, ग्वालियर।
गांधी प्राणी उद्यान में सफेद बाघिन मीरा के तीनों शावकों को देखने के लिए सैलानियों को अभी और इंतजार करना होगा। साढ़े तीन महीने के हो चुके तीनों शावक पूरी तरह स्वस्थ हैं, लेकिन फिलहाल उन्हें पर्यटकों के सामने लाने की तैयारी टाल दी गई है।
संक्रमण और मौसम बनी बाधा
पहले कान्हा टाइगर रिजर्व में कैनाइन डिस्टेंपर वायरस (सीडीवी) के संक्रमण के खतरे के कारण शावकों को आइसोलेशन में रखा गया था। अब ग्वालियर में लगातार उमस और गर्मी उनके बाहरी बाड़े में आने की राह में बाधा बन रही है।
रोग प्रतिरोधक क्षमता और जोखिम
चिड़ियाघर प्रबंधन के अनुसार, छोटे शावकों की रोग प्रतिरोधक क्षमता पूरी तरह विकसित नहीं होती है। ऐसे में गर्मी और उमस के दौरान संक्रमण का जोखिम बढ़ सकता है। इसलिए उन्हें सुरक्षित वातावरण में ही रखा जा रहा है।
धीरे-धीरे किए जाएंगे सार्वजनिक
तापमान सामान्य होने और उमस कम होने के बाद शावकों को पहले सुबह और शाम सीमित समय के लिए बाड़े में लाया जाएगा। इस दौरान उनकी गतिविधियों और स्वास्थ्य पर निगरानी रखी जाएगी। खुले वातावरण में सहज होने की स्थिति आने पर ही पर्यटक उनका दीदार कर पाएंगे।
पांच अप्रैल को हुआ था जन्म
मीरा ने गत पांच अप्रैल को तीन शावकों को जन्म दिया था, जिनमें दो पीले और एक सफेद शावक शामिल हैं। चिड़ियाघर प्रभारी डॉ. उपेंद्र यादव का कहना है कि तीनों शावक स्वस्थ हैं और चिकित्सकों की निगरानी में हैं। उन्होंने बताया कि फिलहाल मौसम के कारण उन्हें बाहरी बाड़े में नहीं लाया गया है और मौसम अनुकूल होने पर शावकों को धीरे-धीरे बाहरी बाड़े में लाया जाएगा।

