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2026-08-06

इंदौर में 500 इलेक्ट्रिक साइकिलें चलाने की योजना, पीपीपी मोड पर होंगी संचालित

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, इंदौर।

अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (एआइसीटीएसएल) शहर में 500 इलेक्ट्रिक साइकिलें चलाने की तैयारी कर रही है। ये साइकिलें प्राइवेट पब्लिक पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर संचालित की जाएंगी। इस योजना से शहर की जनता को यात्रा में सुविधा मिलेगी, एआइसीटीएसएल की आय में वृद्धि होगी, प्रदूषण कम होगा और पेट्रोल-डीजल की बचत भी होगी। इलेक्ट्रिक पब्लिक साइकिल शेयरिंग सिस्टम (ई-पीबीएस) के लिए हाल ही में टेंडर जारी किए गए थे, जिन्हें जल्द ही खोला जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, टेंडर मिलने के बाद संबंधित कंपनी द्वारा ई-साइकिलों का किराया तय किया जाएगा। एआइसीटीएसएल का लक्ष्य शहर के विभिन्न हिस्सों में कुल 500 इलेक्ट्रिक साइकिलें चलाना है। एआइसीटीएसएल का दावा है कि यह योजना शहर में बढ़ते प्रदूषण और ट्रैफिक समस्या से निपटने में अत्यंत सहायक होगी। योजना के क्रियान्वयन, संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी कान्ट्रेक्टर कंपनी की होगी, जिसके लिए टेंडर जारी किए जा चुके हैं।

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स्वचालित प्रणाली और उद्देश्य

एआइसीटीएसएल की योजना लोगों को कम अवधि के लिए इलेक्ट्रिक साइकिलें (पैडल सहित) उपलब्ध कराने की है। यह पूरी प्रणाली स्वचालित होगी, जिसमें साइकिल बुक करने और भुगतान करने की सुविधा उपलब्ध होगी। योजना का उद्देश्य बढ़ते ट्रैफिक खर्च, जाम और प्रदूषण से मुक्ति दिलाना है, ताकि लोग शहर के एक कोने से दूसरे कोने तक जाने के लिए इलेक्ट्रिक साइकिल का उपयोग कर सकें। ये साइकिलें मुख्य रूप से आवासीय क्षेत्रों को एक-दूसरे से जोड़ेंगी, जिससे अधिक से अधिक शहरवासियों को सुविधा मिल सके। ई-साइकिलें बस टर्मिनल, मेट्रो स्टेशन, व्यावसायिक बाजार, भीड़भाड़ वाले शैक्षणिक संस्थान और नौकरीपेशा लोगों की बहुलता वाले क्षेत्रों में उपलब्ध होंगी। इसका एक अन्य उद्देश्य शहरवासियों को ऑटो रिक्शा और निजी वाहनों की मजबूरी से मुक्त करना भी है। जानकारी के अनुसार, जहां इलेक्ट्रिक बसें चलती हैं, वहां इलेक्ट्रिक साइकिल की सुविधा भी मिलेगी, ताकि निजी वाहनों की आवश्यकता न पड़े।

किराया निर्धारण और पिछली योजना

एआइसीटीएसएल पहले से ही “माई बाइक चलाओ” नामक एक साइकिल योजना चला रही है, जिसे अपेक्षित सफलता नहीं मिल पाई है। इस पुरानी योजना के तहत शहर में कहीं भी आने-जाने के लिए ऐप के माध्यम से साइकिलें उपलब्ध हैं और कई क्षेत्रों में स्टैंड बने हुए हैं। शुरुआत में शहरवासियों ने इसमें काफी रुचि दिखाई थी, लेकिन धीरे-धीरे इसका आकर्षण कम हो गया है; हालांकि, यह योजना अभी भी चल रही है और साइकिलें कई स्टैंड पर उपलब्ध हैं। एआइसीटीएसएल के सीईओ अर्थ जैन के अनुसार, वर्तमान में एक हजार से अधिक सामान्य साइकिलें चलाई जा रही हैं, जो एक दिन, सात दिन, एक महीने और 90 दिन के लिए उपलब्ध कराई जाती हैं। इन सामान्य साइकिलों के लिए 30 मिनट का किराया 20 रुपये वसूला जाता है। ई-साइकिलें पीपीपी मॉडल पर चलाई जाएंगी और टेंडर प्राप्त करने वाली कंपनी के साथ बैठक कर किराया तय किया जाएगा। ई-साइकिल का किराया प्रत्येक घंटे और सप्ताह के अनुसार वसूला जाएगा।