बुलंद सोच, इंदौर।
तीन साल पूर्व हुए 8 करोड़ रुपये के गबन की फाइल दोबारा खोल दी गई है। पुलिस ने इस मामले में 35 नए लोगों की सूची बनाई है, जिनमें ज्यादातर मजदूर, ड्राइवर और रिश्तेदार शामिल हैं। निलंबित कर्मचारी मिलाप चौहान ने प्रॉपर्टी का रुपया बताकर खातों में रकम जमा करवाई थी।
मामले का विवरण
रावजी बाजार पुलिस ने मार्च 2023 में तत्कालीन कलेक्टर मुनीष सिंह सिकरवार की शिकायत पर मिलाप चौहान और रंजीत करोड़ के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था। मिलाप कलेक्ट्रेट में ही पदस्थ था। उसने कोषालय से चालान चिन्हित कर लिए और हितग्राहियों के स्थान पर परिचितों के नाम लिखकर खातों में लगा दिए थे। इस तरह आरोपियों ने करीब 8 करोड़ रुपये का गबन किया।
जांच में तेजी और नए आरोपी
पुलिस ने पूर्व में जांच ठंडे बस्ते में डाल दी थी। अब पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह ने फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं। पुलिस ने 35 आरोपियों की नई सूची बनाई है। रुपये जमा करवा कर कुछ रिश्तेदार भी इस मामले में फंस गए हैं। पुलिस ने मिलाप के बयान के आधार पर अमित निंबालकर, खुशबू, हीना कुरैशी, सोनम राठौर, विकास वाविस्कर, ज्योति पाठक, योगेश जाधव, खुशाल सेनवाल, धापू राठौर, कृतिका शर्मा, राजेश मौर्य, मनोज मटोलिया, विनेश संपत, नितेश संपत, दिवेश, रामाकृष्णनन, आसिफ नूर, दीपक राठौर, दिव्याशी चौहान, वैशाली कदम, काजल श्रीवंस, सचिन श्रीवंश, निरंजन पाटिल, लक्ष्मी प्रजापत, रेखा प्रजापति, विशाल, प्रेम कोटिया, चांदनी, नीतू श्रीवास्तव, प्रदीप श्रीवास्तव, संतोषी, श्याम ई ऑटो, रेशमा खान, राजेंद्र राठौर और दिनेश राठौर को आरोपियों में जोड़ा है। गिरफ्तारी की सूचना पर कुछेक ने अग्रिम जमानत ले ली है।
गिरफ्तारियां
पुलिस ने मामले में मिलाप चौहान, रणजीत सिंह करोड़ सहित मनीषा चौहान, राहुल चौहान, पूजा परिहार, राकेश परिहार, अभिषेक सोलंकी, अतुल चौहान, गीता करोड़, सोनू परेता, जगदीश गड़वाल, शुभम यादव, विवेक जागीदार, तेज सिंह, राहुल राठौर और संजय पाठक को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है।

