बुलंद सोच, इंदौर।
इंदौर के पहले डबल डेकर ब्रिज का लोकार्पण बुधवार को घोषित होने के बावजूद शहरवासी इसकी सौगात से वंचित रहे, क्योंकि इसे यातायात के लिए नहीं खोला जा सका। इसका मुख्य कारण मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन से अनुमति का न मिलना बताया जा रहा है। इंदौर विकास प्राधिकरण ने बुधवार को अरविंदो से बाणगंगा की तरफ जाने वाले पुल से वाहनों की आवाजाही की घोषणा की थी।
ब्रिज की प्रमुख विशेषताएँ
यह इंदौर का पहला डबल डेकर ब्रिज है, जिसके नीचे से सुपर कॉरिडोर की तरफ जाने वाला मार्ग है और बीच में मेट्रो का ट्रैक भी मौजूद है। इस पुल की ऊंचाई 70 फीट है, और प्रदेश में इतनी ऊंचाई का दूसरा कोई ब्रिज नहीं है, जिससे वाहन चालकों को यातायात का एक अनोखा अनुभव मिलेगा। इस पुल के नीचे से मेट्रो भी गुजरेगी, और आगामी सिंहस्थ में इससे यात्रियों को काफी लाभ होने की उम्मीद है। यह 1454 मीटर लंबा और 6 लेन का पुल है, जिसका निर्माण 175 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। इंदौर विकास प्राधिकरण ने इस पुल का निर्माण तीन साल में पूरा किया है, और यह प्रदेश का पहला डबल डेकर पुल है। इस ब्रिज से प्रतिदिन एक लाख से अधिक वाहनों के गुजरने का अनुमान है। इंदौर-उज्जैन रोड पर बन रहे इस ब्रिज के बाद उज्जैन रोड को आठ लेन किया जाएगा।
