बुलंद सोच, इंदौर।

मंगलवार, 28 जुलाई 2026 को इंदौर शहर में आंशिक रूप से जलापूर्ति बाधित रहेगी। सोमवार को मुख्य फीडर लाइन के 900 मिमी वाल्व में तकनीकी खराबी आने के कारण उसका सुधार कार्य शुरू किया गया। इसके चलते शाम चार बजे नर्मदा के पहले और दूसरे चरण के पंप बंद किए गए। इसी दौरान पंप हाउस-2 के वाल्व की भी आवश्यक मरम्मत की गई। सुधार कार्य के बाद पंप पुनः चालू कर दिए गए, लेकिन सुधार कार्य के कारण पानी की टंकियां पूरी तरह से भर नहीं सकीं। 28 जुलाई 2026 को अन्नपूर्णा, स्कीम 103, छत्रीबाग, राजमोहल्ला, द्रविड़ नगर, लोकमान्य नगर, महाराणा, नरवल, अगरबत्ती, कुशवाह मोहल्ला, टिगरिया, बाणगंगा, सुभाष चौक, सदर बाजार, जिंसी हाट, मल्हाराश्रम, गांधी हाल, भक्त प्रह्लाद नगर और एमओजी लाइन से संबंधित क्षेत्रों में जल प्रदाय बाधित रहेगा।
निगम विभागों की समीक्षा बैठक
नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने सोमवार को इंदौर में निगम के विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने इंदौर स्मार्ट सिटी, प्रधानमंत्री आवास योजना, भवन अनुज्ञा और अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत किए गए कार्यों की जानकारी प्राप्त की। बैठक में एमओजी लाइंस लैंड पार्सल 1 और लैंड पार्सल 2 की भूमि मुद्रीकरण परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति एवं भविष्य की व्यवहार्यता पर चर्चा हुई। अपर मुख्य सचिव ने परियोजनाओं के प्रभावी विकास एवं क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके साथ ही 35 प्रमुख यातायात चौराहों पर पीपीपी मॉडल के तहत प्रस्तावित इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लगाने को लेकर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने अपर मुख्य सचिव को बताया कि इस संबंध में निविदा आमंत्रित कर ली गई हैं। दुबे ने प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा के दौरान निर्देश दिए कि ईडब्ल्यूएस के मकान आवंटन के लिए समग्र आईडी से लिंक करें, ताकि एक ही व्यक्ति को दो या दो से अधिक ईडब्ल्यूएस के आवासों का आवंटन न हो। निगम द्वारा डिजिटल प्रॉपर्टी सर्वे एवं मैनेजमेंट सिस्टम के संबंध में जानकारी भी प्रस्तुत की गई। अपर मुख्य सचिव ने अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत चल रहे जलप्रदाय, सीवरेज लाइन और एसटीपी निर्माण आदि के विभिन्न पैकेजों की समीक्षा की। उन्होंने एसटीपी निर्माण का कार्य निर्धारित अवधि से देरी से होने पर निर्माणकर्ता एजेंसी और कंसल्टेंट पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि निर्माणकर्ता एजेंसी के विरुद्ध पेनल्टी लगाएं और यदि इसके बाद भी काम में सुधार नहीं हो तो उसे ब्लैकलिस्टेड करने की कार्रवाई भी करें।

