बुलंद सोच, इंदौर।
इंदौर में मेट्रो अंडरग्राउंड प्रोजेक्ट के लिए भूमिगत मेट्रो स्टेशन बनाने का कार्य शुरू हो चुका है। अब मेट्रो के लिए जमीन के 18 मीटर नीचे सुरंग बनाने का कार्य शुरू होगा। सबसे पहले एयरपोर्ट के पास बनने वाले भूमिगत मेट्रो स्टेशन परिसर से टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) को जमीन में उतारा जाएगा और यहां से दो सुरंगों बनाने का कार्य सितंबर में शुरू होगा। जिस टनल बोरिंग मशीन से सुरंग का निर्माण होगा, उसके पुर्जे इंदौर पहुंचना शुरू हो गए हैं। एक पूरी टीबीएम के पुर्जे 17 ट्रेलर में इंदौर आ रहे हैं। अभी तक 12 ट्रेलर में टीबीएम के बैकअप यानि पिछले हिस्से की मशीनें मुंबई से इंदौर पहुंची हैं। आगामी टीबीएम के अगले व मध्य हिस्से के पुर्जे भी जल्द ही इंदौर पहुंचेंगे। अभी एक टीबीएम के उपकरण आए हैं, दूसरी के आना बाकी है।
टनल बोरिंग मशीन की विशिष्टताएँ
इंदौर आने वाली टनल बोरिंग मशीन 320 टन वजनी है और 18 से 20 मीटर की गहराई में सुरंग बनाएगी। इस मशीन को थाईलैंड की टेराटेक कंपनी ने तैयार किया है। इस कंपनी की मशीन का उपयोग दिल्ली, चेन्नई व मुंबई मेट्रो निर्माण में हुआ है। यह मशीन एक माह में सुरंग का 150 मीटर हिस्सा खोदेगी। थाईलैंड से समुद्र के रास्ते मुंबई पोर्ट पर पहुंचे टीबीएम के उपकरण अब सड़क मार्ग से इंदौर एयरपोर्ट के पास मेट्रो स्टेशन परिसर तक पहुंच रहे हैं।
टीबीएम के मुख्य भाग
टीबीएम के सामने का हिस्सा जिसे कटर कहते हैं, वह जमीन की गहराई में मिट्टी को काटकर बाहर करेगा। मध्य हिस्सा जिसे शील्ड कहते हैं, वह सुरंग के लिए खोदे गए हिस्से में गोलाई में सीमेंट कांक्रीट की शील्ड तैयार करेगा, ताकि मिट्टी का कटाव न हो। अंतिम हिस्सा जिसे बैकअप कहते हैं, इसमें हाइड्रोलिक सिस्टम, खोदी गई मिट्टी को निकालने की जिम्मेदारी व मशीन को चलायमान रखने के लिए पॉवर बैकअप होगा।
यात्रियों की संख्या में संभावित वृद्धि
कंट्रोल एरिया घोषित होने से इंदौर के मेट्रो रूट के आसपास हाईराइज इमारतें बनेंगी, जिससे ज्यादा यात्री मिल सकेंगे।

