बुलंद सोच, इंदौर।
मंगलवार को इंदौर में एक शराबी ट्रक चालक के कारण दहशत फैल गई। चालक नशे में धुत होकर नो एंट्री क्षेत्र में घुस गया था। पुलिसकर्मियों ने पीछा किया तो चालक ट्रक लेकर भागने लगा। वायरलेस सेट से सूचना प्रसारित की गई और लोडिंग वाहनों से रास्ता रोककर ट्रक को रोका गया। चालक खड़े होने की स्थिति में भी नहीं था। पुलिस ने उसके खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। मोटर व्हीकल एक्ट और ड्रिंक एंड ड्राइव का केस भी दर्ज किया गया।
घटना की शुरुआत चंदननगर चौराहा से हुई, जहां ट्रक चालक नो एंट्री में आ गया। ट्रैफिक थाना के पुलिसकर्मियों ने उसे रोकने की कोशिश की, पर चालक धार रोड की ओर बढ़ गया। पुलिस को आता देख चालक ने ट्रक की गति बढ़ा दी और वह गंगवाल बस स्टैंड तक पहुंच गया। पुलिसकर्मी सक्रिय हुए, पर चालक ने ट्रक नहीं रोका और बड़ा गणपति की तरफ निकल गया। इसके बाद वायरलेस सेट से संदेश प्रसारित किया गया।
कंट्रोल रूम से सूचना मिलने के बाद एएसआई (ट्रैफिक) थानदार ने अंतिम चौराहा पर कुछ लोडिंग वाहन चालकों को रोका और यातायात जाम करवाया। ट्रक को रुकना पड़ा और पुलिस ने चालक को घेर लिया। सूचना मिलने पर मल्हारगंज पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। टीआई नीज बिरथरे के अनुसार, चालक शराब के नशे में था। पुलिस ने ट्रक जब्त कर लिया और चालक सुनील पुत्र रामप्रसाद निवासी जालौन के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। ट्रैफिक थाना के टीआई बीएल कुमरावत के मुताबिक, ट्रक में टायर भरे हुए थे। चालक ने बताया कि वह गुजरात से आया था और रास्ते में शराब पी थी। उसने पुलिस से बचने के लिए भागने की बात कही।
पूर्व में हुई भीषण दुर्घटना
एक वर्ष पूर्व भी इसी जगह पर एक हादसा हुआ था। 15 सितंबर, 2025 को एयरपोर्ट रोड से एक “मौत का ट्रक” शहर के भीतर दाखिल हुआ और बड़ा गणपति तक जो सामने आया उसे रौंदता चला गया। उस दुर्घटना में कई गाड़ियों को कुचला गया और 35 लोगों के हाथ-पैर टूट गए थे। बड़ा गणपति पर लोगों ने किसी तरह ट्रक को रोका था। तब भी एक बाइक ट्रक के नीचे फंसी हुई थी, जिसकी टंकी रगड़ के कारण फटने से ट्रक जल गया था। नो-एंट्री में ट्रक को घुसने से रोकने में नाकाम रही पुलिस तमाशा देखती रही थी।
सड़कों से मृतक के शरीर के टुकड़े लोगों ने बटोरे थे, ट्रक के नीचे से धधकती हुई लाश निकाली गई और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। मृतकों में एरोड्रम रोड निवासी एक निजी कॉलेज के प्रोफेसर लक्ष्मीकांत सोनी (50) और वैशाली नगर निवासी कैलाशचंद्र जोशी (62) शामिल थे। उनके शव बुरी तरह झुलस गए थे और पहचान में घंटों लग गए थे। उस दुर्घटना में 12 लोगों की हालत गंभीर थी।
ट्रक (एमपी 09 जेड पी 4069) शाम 7:20 बजे नो-एंट्री में घुसा था और कालानी नगर चौराहे पर करणावत रेस्टोरेंट से बड़ा गणपति तक पौने दो किलोमीटर में लोगों को टक्कर मारी थी। इस दौरान करीब 35 वाहन चालकों को टक्कर लगी थी। 4 से 5 कार चालक ट्रक के साथ 20 से 25 फीट तक घसीटते चले गए थे। एक ई-रिक्शा और ऑटो रिक्शा रामचंद्र नगर चौराहे पर चपेट में आए थे और दोनों पलटी खाकर गिर गए थे। ट्रक के टायरों के निशान 300 मीटर तक सड़क पर नजर आ रहे थे। चपेट में आए कुछ लोगों के शरीर के अंग तक कट कर रास्ते में पड़े दिखाई दिए थे। ट्रक खजराना के शकील खान के नाम पर था। लोगों की मदद से पुलिस ने ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया था। रात को कराए गए टेस्ट में उसके शरीर में 857 एमजी अल्कोहल पाया गया था। एक रिपोर्ट के अनुसार, उस समय पुलिसकर्मी नो एंट्री में धड़ल्ले से ट्रक भेज रहे थे और हादसे के बाद यह पोल खुली थी।

