बुलंद सोच, इंदौर।
इंदौर में शेयर बाजार में निवेश पर 20 से 40 प्रतिशत तक मुनाफे का लालच देकर करोड़ों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। अपराध शाखा ने एक दंपती के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की है। आरोपी एक प्रतिष्ठित बैंक से जुड़े बताए जा रहे हैं। पुलिस अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। आरोपियों के खातों को फ्रीज कर दिया गया है।
एडीसीपी (अपराध) राजेश दंडोतिया के अनुसार, एसएस पार्क कनाड़िया निवासी अचिरा सान्याल ने खातीवाला टैंक निवासी नितिन जोशी और उनकी पत्नी पारगिता जोशी के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है। अचिरा ने पुलिस को बताया कि उन्होंने वर्ष 2022 से 2023 के बीच शेयर निवेश के नाम पर आरोपितों को 88 लाख रुपये दिए थे। आरोपितों ने निवेश की राशि पर 20 से 40 प्रतिशत मुनाफा देने का वादा किया था। आरोपितों ने अचिरा को सिर्फ 56.30 लाख रुपये लौटाए, जबकि 31.70 लाख रुपये अब तक वापस नहीं किए हैं।
इस बीच, एक अन्य फरियादी पं. जय किरण शर्मा भी सामने आए और उन्होंने बताया कि आरोपित दंपती ने उनसे भी 75 लाख रुपये निवेश कराए थे। इनमें से उन्हें केवल 1.50 लाख रुपये लौटाए गए और 73.50 लाख रुपये हड़प लिए गए।
डीसीपी (अपराध) राजेश त्रिपाठी ने एएसआई अनिल पुरोहित और निरीक्षक विजय सिसोदिया से मामले की जांच करवाई थी। पुलिस ने अनावेदकों को भी नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया था, जिस पर उन्होंने झूठे बयान दर्ज करवाए। शनिवार रात पुलिस ने नितिन जोशी और पारगिता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली। पुलिस अब मामले में गंभीरता से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या दंपती ने अन्य लोगों से भी ठगी की है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में ठगी के और भी मामले सामने आने की संभावना है।
मध्य प्रदेश में साइबर ठगी का रिकॉर्ड विस्फोट हुआ है, जहां एक साल में यह आंकड़ा 600 करोड़ रुपये को पार कर गया है, लेकिन जांच के लिए केवल 19 इंस्पेक्टर उपलब्ध हैं।

