बुलंद सोच, जबलपुर।

जबलपुर। आयुध निर्माणी खमरिया (ओएफके) के एक सेवानिवृत्त कर्मी से भूखंड की रजिस्ट्री कराने का झांसा देकर आठ लाख रुपये की ठगी की गई है। घमापुर के कछिया मोहल्ला, द्वारका नगर निवासी जीवनलाल मलिक (84) फैक्ट्री से सेवानिवृत्त हैं।
भूखंड की तलाश और मुलाकात
वर्ष 2020 में जीवनलाल मलिक मकान खरीदने के लिए भूखंड की तलाश कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें एकता मार्केट में एचएफ इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी के भूखंड विक्रय करने की जानकारी मिली। कंपनी के गौर एकता मार्केट स्थित कार्यालय में उनकी मुलाकात नैंसी स्वामी और अनूप मिश्रा से हुई।
भूखंड का प्रस्ताव और भुगतान
नैंसी स्वामी और अनूप मिश्रा ने जीवनलाल मलिक को ग्राम गुरैया स्थित खसरा नंबर 151/1 की भूमि पर 900 वर्गफुट का भूखंड आठ लाख रुपये में देने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने संबंधित भूखंड भी जीवनलाल मलिक को दिखाया। जमीन पसंद आने पर जीवनलाल मलिक ने चार किस्तों में कुल आठ लाख रुपये का भुगतान कर दिया। सेवानिवृत्त कर्मी ने बताया कि उन्होंने छह मार्च से 12 मार्च, 2020 के बीच लालमाटी शाखा स्थित अपने बैंक खाते से कंपनी को यह राशि जमा कराई थी।
रजिस्ट्री में देरी और संपर्क बंद
आरोपितों ने 10 से 15 दिन के भीतर भूखंड की रजिस्ट्री कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन तय समय बीतने के बाद भी रजिस्ट्री नहीं की गई। जब जीवनलाल मलिक एचएफ इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी के कार्यालय पहुंचे तो वह बंद मिला। मोबाइल पर संपर्क करने पर नैंसी स्वामी ने बाहर होने का बहाना बनाकर बाद में रजिस्ट्री कराने की बात कही।
आश्वासन के बावजूद कार्रवाई नहीं
गत वर्ष 13 अगस्त को गौर चौकी में नैंसी स्वामी से बातचीत हुई थी। तब नैंसी ने छह माह में भूखंड देने अथवा रकम लौटाने का आश्वासन दिया था। इसके बाद भी न तो भूखंड मिला और न ही रुपये वापस किए गए। अब दोनों आरोपितों नैंसी स्वामी और अनूप मिश्रा के मोबाइल भी बंद बताए जा रहे हैं।
पुलिस कार्रवाई
पुलिस ने नैंसी स्वामी और अनूप मिश्रा के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दोनों आरोपित गारेखपुर के नर्मदा रोड पर जॉनसन कंपाउंड निवासी बताए गए हैं।

