बुलंद सोच, ग्वालियर।
अंचल के सबसे बड़े जयाआरोग्य अस्पताल समूह के हजार बिस्तर अस्पताल में भर्ती प्रक्रिया के दौरान मरीजों के परिजनों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में स्टेशनरी की कमी के कारण सर्जरी विभाग में भर्ती होने वाले मरीजों के स्वजनों से एक फॉर्म की दो से तीन फोटोकॉपी कराकर लाने के लिए कहा जा रहा है।
अतिरिक्त खर्च और असुविधा
इसके लिए उन्हें अस्पताल परिसर के बाहर जाकर 20 से 40 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं। अस्पताल में भर्ती के लिए जरूरी दस्तावेजों के साथ अब फोटोकॉपी कराने की व्यवस्था भी मरीजों के स्वजनों के जिम्मे छोड़ दी गई है।
परिजनों की आपबीती
मरीज के परिजन पंकज ने बताया कि सर्जरी विभाग में भर्ती के दौरान एक निर्धारित फॉर्म दिया जाता है और उसकी दो से तीन प्रतियां कराकर लाने के लिए कहते हैं। उन्होंने आगे बताया कि अधिकांश लोग मजबूरी में अस्पताल परिसर के आसपास की दुकानों से फोटोकॉपी कराकर लाते हैं। यह प्रक्रिया लगभग हर भर्ती मरीज के साथ अपनाई जा रही है।
बढ़ती परेशानियां
दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले मरीज और उनके स्वजन पहले ही जांच, दवाइयों और अन्य औपचारिकताओं में व्यस्त रहते हैं। ऐसे में केवल फोटोकॉपी कराने के लिए अस्पताल से बाहर जाना और अतिरिक्त खर्च करना उनके लिए असुविधा का कारण बन रहा है। कई बार गंभीर मरीज को छोड़कर स्वजन को बाहर जाना पड़ता है, जिससे भर्ती प्रक्रिया में भी देरी होती है।
अधीक्षक का बयान
जेएएच के अधीक्षक डॉ. सुधीर सक्सेना ने इस तरह के मामले की जानकारी मिलने पर कहा कि अगर ऐसा है तो विभागाध्यक्ष से जानकारी ली जाएगी और इस व्यवस्था को बंद कराया जाएगा।

